धर्म की हानि या ग्लानि होने पर भगवान अवतार लेते हैं: मनीष शरण जी महाराज

Share

सोनभद्र।(AKD/गिरीश तिवारी)-
राबर्ट्सगंज स्थित गायत्री भवन तेजनगर उरमौरा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन गुरुवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। अयोध्या धाम से पधारे मनीष शरण जी महाराज ने कथा के दौरान कहा कि जब धर्म की हानि होती है या जब धर्म की ग्लानि बढ़ती है, दोनों ही परिस्थितियों में भगवान अवतार लेकर धरती पर आते हैं।उन्होंने सरल उदाहरण के माध्यम से हानि और ग्लानि का अंतर समझाते हुए कहा कि हानि गलती से होती है, जबकि ग्लानि जानबूझकर किए गए अधर्म से पैदा होती है। उन्होंने रामचरितमानस और श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों के माध्यम से बताया कि भगवान ब्राह्मण, गाय, संत और सज्जनों की रक्षा के लिए अवतार लेते हैं।कथा के मुख्य यजमान वरिष्ठ अधिवक्ता पवन मिश्र पत्नी सहित सपरिवार कथा श्रवण में शामिल हुए। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री अम्बरीष जी, नीरज सिंह, विनोद चौबे, पद्माकर द्विवेदी, करुणाकर द्विवेदी, दिनानाथ पांडे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं और बच्चे मौजूद रहे।

Author Profile

Public Bharat News
Public Bharat News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *