दुद्धी/सोनभद्र(रवि सिंह) -सोनांचल मे महिलाओं व माताओं ने अपने पुत्र पुत्रियों के दीर्घायु एवं उनके सुख समृद्धि उन्नति के लिए जीवित्पुत्रिका पूजन 24 घंटे का निर्जला व्रत महिला माताओ ने रखा। वही दुद्धी कस्बा स्थित सभी शिवालो, मंदिरों ,घरों पर माता महिलाओं ने एक जगह एकत्र होकर इस पर्व को ब्राह्मण के द्वारा कथा सुनकर पूजा पाठ करती हैं ।इस पूजा में मानना है ,कि जिस माता को संतान नहीं प्राप्त होती है ,इस कठिन व्रत से उन्हें संतान प्राप्ति होती है ,और उनके संतानों की दीर्घायु एवं सुख समृद्धि लंबी उम् की कामना करते हुए, उनके ऊपर आने वाले दुःख व संकटों को हारने की प्रार्थना भगवान से करती हैं। कभी कभी तो बोलचाल की भाषाओं में यह भी लोगों से सुनने को मिलता है, कि यदि किसी प्रकार की दुर्घटना में कोई बच जाता है ।तो उसे लोग कहते हैं ,कि आपकी माँ ने खर जिउतिया किया होगा इसीलिए आप सुरक्षित बच गये ,जीवितपुत्रिका व्रत जैसे नामों से जाना जाता है। पंचांग के अनुसार हर साल अश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जितिया का व्रत रखा जाता है। इस व्रत को माताएं अपने संतान की लंबी आयु और स्वस्थ जीवन के लिए रखती हैं। जिउतिया व्रत की शुरुआत 5 अक्टूबर को नहाय खाय के साथ हो जाती है। शुक्रवार 06 अक्टूबर को माताओं ने जीवित्पुत्रिका का निर्जला व्रत रखा है। इसके बाद कल यानी 07 अक्टूबर 2023 को सुबह नदी तालाब एवं आसपास के जल स्थान पर स्नान आदि करने उपरांत पूजा-पाठ के बाद व्रत का पारण कर। इस कठिन पूजा का समापन करेंगे।
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