दहेज हत्या मामले में दोषी पति को 7 वर्ष की कैद

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  • 25 हजार रुपये का अर्थदंड, अदायगी न करने पर तीन माह की अतिरिक्त कैद
  • सुषमा अवस्थी की हत्या के करीब पांच साल पुराने मामले में आया फैसला

सोनभद्र।(अरविंद दुबे, गिरीश तिवारी)
पांच वर्ष पूर्व दहेज की मांग को लेकर हुई सुषमा अवस्थी की हत्या के मामले में एससी/एसटी कोर्ट सोनभद्र ने बुधवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया। विशेष न्यायाधीश आबिद शमीम की अदालत ने आरोपी पति राजन अवस्थी को दहेज हत्या का दोषी मानते हुए 7 वर्ष की कठोर कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में उसे तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। साथ ही आरोपी द्वारा जेल में बिताई गई अवधि को अंतिम सजा में समाहित किया जाएगा।प्राप्त जानकारी के अनुसार, संतोष कुमार पांडेय निवासी सिंहपुर, थाना मौहररा, जिला रोहतास (बिहार) ने रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि उसने अपनी बहन सुषमा अवस्थी की शादी फरवरी 2017 में राजन अवस्थी निवासी मुंसफी कॉलोनी, रॉबर्ट्सगंज से की थी। शादी के बाद से ही सुषमा को दहेज की मांग को लेकर पति व ससुराल पक्ष द्वारा लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा।परिजनों के अनुसार, सुषमा ने फोन कर कई बार मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की शिकायत की थी, लेकिन परिवार ने समझाकर स्थिति सामान्य होने की उम्मीद जताई।
हालांकि 30 अप्रैल 2020 को दोपहर एक बजे रॉबर्ट्सगंज कोतवाली से सुषमा की मौत की सूचना दी गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि उसकी हत्या उसके पति और ससुरालवालों ने मिलकर की है।
पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की गंभीरता से जांच की और पर्याप्त सबूत मिलने पर आरोपी के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलों, गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने राजन अवस्थी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
सरकारी पक्ष की ओर से अधिवक्ता सी. शशांक शेखर कात्यायन ने प्रभावशाली बहस प्रस्तुत की।

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