दुष्कर्म का बदला: कोर्ट ने सुनाया 10 साल की सज़ा, दोषी राकेश कुमार को सलाखों के पीछे भेजा

Share

  • शादी का झांसा देकर तीन साल तक करता रहा शोषण, बारात के दिन टूटा झूठ का महल
  • कोर्ट ने पीड़िता को दिया इंसाफ, 25 हजार का मुआवजा भी मिलेगा

सोनभद्र।(अरविंद दुबे,गिरीश तिवारी)-न्याय के दरवाज़े पर दस साल बाद आखिरकार इंसाफ की दस्तक हुई। शादी का झांसा देकर एक युवती का शोषण करने वाले राकेश कुमार को अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी/सीएडब्लू) अर्चना रानी की अदालत ने दोषी करार देते हुए 10 वर्ष की कठोर कैद की सज़ा सुनाई। साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोका गया। जुर्माना न देने पर छह महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। कोर्ट ने पीड़िता को 25 हजार रुपये की मुआवजा राशि तत्काल देने का भी आदेश दिया।

शोषण से शादी तक का झांसा, फिर मिली अदालत की चौखट

मिर्जापुर के मड़िहान क्षेत्र की रहने वाली युवती ने 2017 में घोरावल थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि सोनभद्र के शिल्पी गांव निवासी राकेश कुमार ने शादी का झांसा देकर करीब तीन वर्षों तक उससे शारीरिक संबंध बनाए। बाद में बीमारी का बहाना बनाकर वह गांव लौट गया। युवती को तब झटका लगा जब पता चला कि वह दूसरी जगह शादी कर रहा है और उसी दिन उसकी बारात निकलने वाली है।

कानून ने कहा – अब राकेश जाएगा जेल

पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की, जांच की गई और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें, गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना।

सरकारी वकील की तीखी बहस बनी निर्णायक

सरकारी अभियोजक सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने मामले में धारदार पैरवी करते हुए अदालत को बताया कि किस तरह आरोपी ने विश्वासघात कर युवती का मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक शोषण किया। अदालत ने अभियोजन की दलीलों को स्वीकार करते हुए आरोपी को सज़ा सुनाई।

**”न्याय देर से मिला, लेकिन मिला – यही सबसे बड़ी बात है”

पीड़िता की प्रतिक्रिया**

Author Profile

Public Bharat News
Public Bharat News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *