AKD।गिरीश तिवारी
सोनभद्र। आयकर विभाग की कार्रवाई अब व्यापक और बहुस्तरीय रूप ले चुकी है। 26 घंटे से अधिक समय से विभाग की टीमें जिले में डटी हुई हैं और जांच का दायरा सपा नेता इस्तियाक खान से जुड़ी ईशान कंस्ट्रक्शन की पत्थर खदान तक पहुंच गया है। खदान क्षेत्र में ड्रोन कैमरों और सेटेलाइट तकनीक से जियो मैपिंग की जा रही है, जिससे स्वीकृत सीमा और वास्तविक खनन का मिलान किया जा सके।सूत्रों के अनुसार यह पूरा ऑपरेशन बेहद गोपनीय तरीके से शुरू हुआ। पहले चरण में शादी के स्टिकर लगी गाड़ियों से टीमें जिले में दाखिल हुईं और खनन कारोबारियों के आवास व प्रतिष्ठानों पर दबिश दी गई।

इसके बाद जांच सीधे खदानों, कार्यालयों और बैंक खातों तक पहुंच गई। इसी क्रम में टीम ओबरा स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा पहुंची, जहां ईशान कंस्ट्रक्शन से जुड़े खातों की गहन पड़ताल की जा रही है।जांच टीम लखनऊ स्थित सपा नेता के आवास 3/13 सैफायर विला, सरोजिनी नायडू मार्ग, हांडा हॉस्पिटल लेन, योजना भवन के पास, हजरतगंज भी पहुंची। फिलहाल इस्तियाक खान न तो सोनभद्र में मौजूद पाए गए और न ही लखनऊ स्थित आवास पर। सूत्र बताते हैं कि वह प्रदेश से बाहर हैं, हालांकि अधिकारियों से उनकी फोन पर बातचीत हुई है और उन्हें शीघ्र उपस्थित होने के लिए कहा गया है।वाराणसी जोन के अधिकारियों की अगुवाई में सोनभद्र जनपद के 14 से अधिक स्थानों पर एक साथ जांच जारी है।

100 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी अलग-अलग टीमों में तैनात हैं। तकनीकी टीम ड्रोन के जरिए खदान क्षेत्र की मैपिंग कर रही है और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर खनन गतिविधियों का विश्लेषण किया जा रहा है।सूत्रों के मुताबिक एमएम-11 जारी करने में अनियमितता और अन्य वित्तीय गड़बड़ियों के संकेत मिले हैं। आयकर विभाग ने खदान से जुड़े तीन कर्मचारियों को हिरासत में लेकर उनके मोबाइल फोन और अहम दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं। बैंकिंग लेनदेन की गहन जांच के दौरान बड़े वित्तीय खुलासे की संभावना जताई जा रही है।ओबरा थाना क्षेत्र के बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्र में इस कार्रवाई के बाद खनन कारोबार में सन्नाटा पसरा है और व्यवसायियों में हड़कंप की स्थिति है।

अधिकारियों ने कैमरे पर कुछ भी कहने से इनकार किया है, लेकिन स्पष्ट संकेत हैं कि जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है और आने वाले समय में कुछ अन्य प्रभावशाली नाम भी सामने आ सकते हैं।शादी के स्टिकर लगी गाड़ियों से शुरू हुआ यह गोपनीय अभियान अब खदानों से बैंक खातों तक पहुंच चुका है और सोनभद्र की इस बड़ी तकनीकी जांच पर पूरे प्रदेश की नजर टिकी हुई है।
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