सोनभद्र के उन युवाओं के लिए अच्छी खबर है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और आर्थिक कारणों से महंगी कोचिंग नहीं ले पाते। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत सोनभद्र में निःशुल्क कोचिंग सेंटर का शुभारंभ किया गया है। यहां UPSC, NEET, JE समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मार्गदर्शन मिलेगा।
खास बात यह रही कि शुभारंभ कार्यक्रम में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ और मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया और अपनी सफलता के अनुभव साझा किए। जिलाधिकारी ने बताया कि उन्होंने बिना कोचिंग के पहली बार में परीक्षा पास की, जबकि सीडीओ जागृति अवस्थी ने UPSC में दूसरी रैंक हासिल करने के पीछे मेहनत, अनुशासन और निरंतरता को सबसे बड़ी ताकत बताया। सोनभद्र के जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत निःशुल्क कोचिंग सेंटर का शुभारंभ किया गया। समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव कुमार गोंड ने फीता काटकर कोचिंग सेंटर का उद्घाटन किया और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। राज्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का उद्देश्य ऐसे प्रतिभाशाली और मेहनती युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर देना है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं के जरिए अपने भविष्य को नई दिशा देना चाहते हैं। योजना के तहत अभ्यर्थियों को निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे नियमित कक्षाओं में शामिल हों और अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित होकर तैयारी करें।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के अपने अनुभव साझा किए। जिलाधिकारी ने बताया कि उन्होंने स्वयं बिना कोचिंग के परीक्षा उत्तीर्ण की थी। उन्होंने विद्यार्थियों को साफ संदेश दिया कि कोचिंग सिर्फ एक माध्यम है, लेकिन सफलता की असली कुंजी स्वाध्याय, सही रणनीति, अनुशासन और लगातार अभ्यास है।
उन्होंने अभ्यर्थियों से परीक्षा के सिलेबस और पैटर्न को अच्छी तरह समझने, सीमित और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री चुनने तथा रोजाना पढ़ाई की ठोस कार्ययोजना बनाने को कहा।
साथ ही पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करने, समय प्रबंधन पर ध्यान देने और समय-समय पर अपनी तैयारी का मूल्यांकन करने की सलाह दी। लक्ष्य स्पष्ट रखें, स्वयं पर विश्वास रखें और हर दिन अपनी तैयारी को थोड़ा बेहतर बनाएं। सीमित संसाधन कभी भी सफलता की सीमा तय नहीं करते, आपका परिश्रम और दृढ़ संकल्प आपकी सफलता तय करता है।” वहीं मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने विद्यार्थियों के साथ अपने UPSC अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उन्होंने UPSC परीक्षा में द्वितीय रैंक हासिल की थी। सीडीओ ने कहा कि बड़ी सफलता किसी एक दिन की मेहनत का नतीजा नहीं होती, बल्कि हर दिन ईमानदारी और निरंतरता के साथ किए गए प्रयासों का परिणाम होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासित दिनचर्या अपनाने, लक्ष्य के मुताबिक समय-सारिणी बनाने और कठिन विषयों से बचने के बजाय उन पर ज्यादा मेहनत करने की सलाह दी।
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