सोनभद्र (AKD/गिरीश तिवारी)- सोनभद्र के दक्षिणी छोर पर बसे जुगैल क्षेत्र के लोगों में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी को लेकर आक्रोश बढ़ गया है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि जुगैल आज भी काला पानी जैसी स्थिति में है न सड़क है, न बिजली, न अस्पताल, न ही मोबाइल नेटवर्क।ग्रामीणों ने बताया कि जिले के गठन के 35 वर्ष बाद भी जुगैल विकास की मुख्यधारा से कोसों दूर है। जर्जर सड़कों के कारण मरीज वाराणसी या रॉबर्ट्सगंज ले जाते समय दम तोड़ देते हैं।

हर घर नल योजना के बावजूद यहां पानी की भारी किल्लत है और महिलाएँ अब भी मीलों दूर से पानी ढोने को मजबूर हैं।लोगों का कहना है कि हिंडाल्को और एनटीपीसी जैसे बड़े उद्योग क्षेत्र में संचालित हैं, लेकिन रोज़गार और सुविधाएँ केवल बाहरी लोगों को मिलती हैं, जबकि स्थानीय लोग प्रदूषण और अभाव दोनों झेल रहे हैं। ग्रामीणों ने बस सेवा, मोबाइल टावर, नए विद्यालयों तथा धार्मिक स्थलों के पर्यटन विकास की माँग की है राहुल पांडेय के नेतृत्व में ग्रामीणों ने ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा और मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की माँग की। राहुल पांडेय ने कहा कि हमारे जुगैल क्षेत्र में सड़क, बिजली, नेटवर्क, पेयजल और परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाएँ पूरी तरह ठप हैं। गाँव की बेटियों के लिए स्नातक तक विद्यालय नहीं है। विकलांग बच्चों के लिए स्कूल की माँग भी वर्षों से अधूरी है। मोदी जी की योजनाएँ हों या प्रदेश सरकार की, इनका लाभ हमारे आदिवासी और गरीब परिवारों तक नहीं पहुँच पा रहा। गर्भवती महिलाएँ इलाज के अभाव में दम तोड़ देती हैं। हम सिर्फ इतना चाहते हैं कि सरकार आँख की पट्टी खोलकर वंचितों के विकास की दिशा में ठोस कदम उठाए।
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