दुद्धी/ सोनभद्र(रवि सिंह)-भारत गांवों का देश है और यहां के लोग बिना साधन के भी अपनी जरूरतों का हल ढूंढ लेते हैं। दुद्धी तहसील के डुमरा गांव के जोरकहू बस्ती के लोगों की मजबूरी भी इसी जुगाड़ का उदाहरण बन गई है। करीब दस साल पहले बस्ती को जोड़ने वाली पीसीसी सड़क की पुलिया टूट गई थी। ग्रामीण रमेश, सुनीता, उमेश, चंदन, दशरथ और अन्य लोगों ने जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाई, हर चुनाव में आश्वासन मिला लेकिन पुलिया नहीं बनी।लगातार मुश्किलें झेल रहे ग्रामीणों के पास दूसरा मार्ग भी नहीं था। मजबूरी में तीन चार साल पहले बस्ती के एक आदिवासी युवक ने गाड़ी खरीदी, लेकिन टूटी पुलिया के कारण वाहन घर नहीं पहुंच पा रहा था।

इसके बाद आदिवासी समुदाय ने मिलकर लकड़ी और खंभों की मदद से देसी पुलिया तैयार कर दी, जिससे गांव का आवागमन किसी तरह शुरू हुआ।अब यह देसी पुलिया भी जर्जर हालत में पहुंच चुकी है। टूटते तख्तों और कमजोर खंभों के सहारे ग्रामीण जान जोखिम में डालकर गुजरने को मजबूर हैं। कई बार मांग के बावजूद बस्ती की इस महत्वपूर्ण पुलिया के निर्माण की ओर ध्यान न दिया जाना ग्रामीणों में गहरा आक्रोश पैदा कर रहा है।
Author Profile

Latest entries
Breaking_NewsJune 23, 2026मोहर्रम पर्व को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट
Breaking_NewsJune 23, 2026शराब के नशे में बाइक चालक ने माँ-बेटे को कुचला, तीन घायल
Breaking_NewsJune 22, 2026घरेलू कलह में बेटे ने छीनी पिता की सांस, डंडे के वार से हुई मौत
Breaking_NewsJune 22, 2026एक करोड़ 16 लाख रुपये मूल्य की गांजे की खेप बरामद, पुलिस को मिली बड़ी सफलता
