मतदान केंद्रों के निर्धारण में पारदर्शिता व निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का होगा  पालन

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सोनभद्र में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच मतदान केंद्रों के पुनरीक्षण की प्रक्रिया तेज हो गई है। मतदान केंद्रों के आलेख्य प्रकाशन को लेकर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने सांसद, विधायकों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में मिले 21 प्रस्तावों में से 8 को मंजूरी दी गई, जबकि 13 प्रस्ताव खारिज कर दिए गए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के निर्देश पर जनपद सोनभद्र की चारों विधानसभा सीटों—घोरावल, रॉबर्ट्सगंज, ओबरा (अ.ज.जा.) और दुद्धी (अ.ज.जा.)—के मतदान केंद्रों एवं मतदेय स्थलों का आलेख्य प्रकाशन 4 जुलाई को जिला वेबसाइट पर अपलोड किया गया था। इसके बाद आमजन और राजनीतिक दलों से 12 जुलाई तक सुझाव और आपत्तियां मांगी गई थीं। इसी क्रम में 15 जुलाई को जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में सांसद, विधायकों और सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि जनपद में वर्तमान में 1,563 मतदान स्थल और 973 मतदान केंद्र निर्धारित हैं। राजनीतिक दलों की ओर से समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और आम आदमी पार्टी ने कुल 21 प्रस्ताव प्रस्तुत किए। जांच के बाद 8 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई, जबकि 13 प्रस्ताव आयोग के मानकों पर खरे न उतरने के कारण निरस्त कर दिए गए। जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद सभी प्रतिनिधियों से मतदान केंद्रों का एक बार फिर अध्ययन करने की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी प्रकार का संशोधन आवश्यक हो तो अगले दो दिनों के भीतर लिखित सुझाव जिला निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध करा दें। सभी सुझावों के परीक्षण के बाद 18 जुलाई 2026 तक मतदान केंद्रों और मतदेय स्थलों को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।जिला प्रशासन का कहना है कि मतदान केंद्रों के निर्धारण में पारदर्शिता और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव निष्पक्ष और सुचारु रूप से संपन्न कराए जा सकें।

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