7 मौतों के बाद थमा सोनभद्र का खनन पहिया, दौरे पर पहुंचीं खनन निदेशक माला श्रीवास्तव ने देखिए क्या कहा

Share

सोनभद्र (AKD/गिरीश तिवारी)-बिल्ली मारकुंडी में कृष्णा माइनिंग पत्थर खदान में हुए भीषण हादसे ने जिले ही नहीं, पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। हादसे में सात मजदूरों की दर्दनाक मौत के बाद खान सुरक्षा निदेशालय द्वारा लगाई गई रोक ने जिले की जीवनरेखा कहे जाने वाले खनन व्यवसाय को पूरी तरह ठप कर दिया है। एक साथ 37 खदानों के बंद होने से इसका असर अब सिर्फ खनन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मजदूरों की रोज़ी-रोटी, कारोबार, आम जनता और सरकारी राजस्व सभी पर गहरा संकट खड़ा हो गया है।सोनभद्र, जिसे प्रदेश का प्रमुख खनन केंद्र माना जाता है, वहां आज सन्नाटा पसरा हुआ है। खनन बंद होते ही हजारों मजदूर बेरोज़गारी की मार झेलने को मजबूर हो गए हैं। दिहाड़ी मजदूरों के सामने परिवार पालने का सीधा संकट खड़ा हो गया है। वहीं स्टोन क्रशर संचालक, ट्रांसपोर्टर, डंपर मालिक और खनन से जुड़े व्यवसायी भारी आर्थिक दबाव में हैं। रॉयल्टी, बैंक की किस्तें, मजदूरी और वाहनों की देनदारियां हर महीने बोझ बनती जा रही हैं।इसका असर सरकार के खजाने पर भी साफ दिखने लगा है। खनन ठप होने से राज्य सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका है। लेकिन सबसे बड़ा असर आम आदमी की जेब पर पड़ा है। खदानें बंद होने से गिट्टी की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिसके चलते मकान निर्माण में इस्तेमाल होने वाली गिट्टी के दाम तेजी से बढ़ गए हैं। यह अब आम व्यक्ति की पहुंच से बाहर होती जा रही है। बढ़ती महंगाई का असर सड़क निर्माण और अन्य सरकारी विकास कार्यों पर भी नजर आने लगा है, जिससे कई परियोजनाओं की लागत बढ़ने और काम प्रभावित होने की आशंका है।

खनन निदेशक का पूरा बयान सुनने के लिए लिंक पर क्लिक करें

https://www.facebook.com/share/v/16nLoqVJYH/

इन्हीं हालातों के बीच हादसे के बाद पहली बार राज्य की खनन निदेशक माला श्रीवास्तव सोनभद्र पहुंचीं। सर्किट हाउस पहुंचते ही उन्होंने जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बंद कमरे में समीक्षा बैठक की। माना जा रहा है कि खनन निदेशक न सिर्फ हादसे वाली खदान, बल्कि अन्य खदानों की भी सुरक्षा मानकों के आधार पर जांच कर सकती हैं और आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेंगी।अब पूरे जिले की निगाहें इस दौरे पर टिकी हैं। सवाल यही है कि क्या यह दौरा सुरक्षा के साथ खनन व्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने की दिशा में कोई रास्ता खोलेगा, या फिर मजदूरों की रोज़ी, व्यवसायियों का भविष्य और आम जनता की मुश्किलें और गहराती चली जाएंगी।

Author Profile

Public Bharat News
Public Bharat News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *