दुद्धी/सोनभद्र (रवि सिंह)-
शबे-बरात के मौके पर दुद्धी नगर में नूरो-निकहत का नज़ारा देखने को मिला। में मंगलवार रात नमाज़-ए-इशा के बाद मिलाद शरीफ का आयोजन किया गया, जिसकी सदारत मौलाना हजरत मसूद रज़ा साहब ने की। कार्यक्रम की शुरुआत कुरआन शरीफ की तिलावत से हुई, जिसे मौलाना हाफ़िज़ सईद अनवर ने पढ़ा। इसके बाद शहर के नातख़्वां हज़रात ने नात व मनक़बत पेश की।मौलाना मसूद रज़ा साहब ने कहा कि शबे-बरात माफ़ी की रात है। इस रात अल्लाह तआला अपने बंदों के साल भर के अमल ज़िंदगी, मौत, रोज़ी-रोटी, बीमारी और शिफ़ाफ़रिश्तों के जिम्मे लिख देता है। मौलाना नज़ीर साहब ने बंदों को गुनाहों से सच्ची तौबा करने की नसीहत दी और मजलिस में मौजूद लोगों से तौबा कराई। वहीं मौलाना गुलाम सरवर ने बताया कि शबे-बरात में अल्लाह तआला अपने हिसाब से गुनहगारों को माफ़ कर जहन्नम से आज़ादी देता है। इस मौके पर हाफ़िज़ रिज़ाउल्ला मुस्तफ़ा, हाफ़िज़ सईद अनवर, मोहम्मद क़ासिम साहब, मौलाना ज़ैनुल साहब सहित बड़ी संख्या में जिम्मेदारान और अकीदतमंद मौजूद रहे। जामा मस्जिद के सदर रहीमबक्स, मकतब जब्बारिया कमेटी के सदर मोहम्मद आसिफ़ ख़ान, अखाड़ा कमेटी से फतेह मोहम्मद, सिराज ख़ान, कलमुल्ला ख़ान, राजा बाबू, ज़हीर ख़ान, सरफ़राज़ शाह, कौसर ख़ान, टुन्नू ख़ान सहित नगर के लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।
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