चाकू की नोक पर नाबालिग से दुष्कर्म के बाद कराया अवैध अबॉर्शन

Share

AKD।गिरीश तिवारी
सोनभद्र (रॉबर्ट्सगंज)। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से इंसानियत को तार-तार कर देने वाला एक खौफनाक मामला सामने आया है, जहां रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र में एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को हवस का शिकार बनाया गया। आरोप है कि पड़ोस में ही रहने वाले एक युवक ने चाकू की नोक पर न सिर्फ नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया, बल्कि गर्भ ठहर जाने पर डरा-धमकाकर उसका अवैध तरीके से गर्भपात (अबॉर्शन) भी करा दिया। दिल दहला देने वाली यह घटना बीते वर्ष छठ पूजा के दिन की है, जब पीड़िता के परिवार के सभी सदस्य पूजा में शामिल होने के लिए घर से बाहर गए हुए थे और नाबालिग घर पर अकेली थी। इसी सूनेपन का फायदा उठाकर पड़ोस का रहने वाला 28 वर्षीय सोनू पटेल हाथ में धारदार चाकू लेकर घर में घुस गया और उसने पहले दुपट्टे से नाबालिग का मुंह बंद किया ताकि उसकी चीख बाहर न जा सके, और फिर चाकू दिखाकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। वारदात को अंजाम देने के बाद दरिंदे ने पीड़िता को खौफनाक धमकी दी कि यदि उसने मुंह खोला तो वह उसके पूरे परिवार को जान से मार डालेगा, जिसके कारण खौफ और दहशत के साए में जी रही नाबालिग लंबे समय तक अंदर ही अंदर इस दर्द को घोंटती रही।दहशत का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा और इसी बीच जब पीड़िता अपनी नानी के घर गई हुई थी, तो आरोपी सोनू पटेल अपने एक साथी के साथ वहां भी पहुंच गया और नाबालिग को बहला-फुसलाकर व डराकर एक निजी अस्पताल (जीवनदीप हॉस्पिटल) ले गया, जहां एक नर्स के जरिए उसका अवैध रूप से अबॉर्शन करा दिया गया। इस जानलेवा प्रक्रिया के बाद जब नाबालिग की तबीयत लगातार बिगड़ने लगी और असहनीय दर्द के कारण उसकी हालत अत्यंत नाजुक हो गई, तब जाकर परिजनों के सामने इस खौफनाक सच का खुलासा हुआ। मासूम के साथ हुई इस हैवानियत को सुनकर जब बदहवास परिजन न्याय की गुहार लेकर रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पहुंचे, तो पुलिस का संवेदनहीन चेहरा सामने आया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ तत्काल पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करने के बजाय, दोनों पक्षों को थाने बुलाकर समझौते की पंचायत शुरू कर दी और आरोपी को दो दिनों तक कोतवाली में बिठाकर पीड़िता के परिवार पर ₹5 लाख लेकर मामला रफा-दफा करने का भारी दबाव बनाया। जब पीड़ित परिवार ने इस सौदेबाजी से साफ इनकार कर दिया, तो पुलिस ने आरोपी को छोड़ दिया, जिससे निराश होकर अब पीड़ित पक्ष ने अदालत का रुख किया है। मामले को लेकर पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि यह नाबालिग के अधिकारों का हनन और कानून की धज्जियां उड़ाने वाला बेहद संगीन अपराध है, जिसमें पहले चाकू की नोक पर मासूम का शारीरिक शोषण किया गया और बाद में उसकी जान जोखिम में डालकर अवैध अबॉर्शन कराया गया। अधिवक्ता ने पुलिस की कार्यप्रणाली को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पुलिस अपराधियों को संरक्षण दे रही है और अब कोर्ट के माध्यम से इस मामले में न सिर्फ आरोपी सोनू पटेल को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा, बल्कि दोषी पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय कराते हुए पीड़िता को हर हाल में न्याय दिलाया जाएगा।

Author Profile

Public Bharat News
Public Bharat News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!