इटावा। जिले की पावन धरती पर 1999 में जनपद के छोटे से गांव चितभवन में एक ऐसा कामाख्या देवी मंदिर जहाँ रात 12 बजे अचानक मन्दिर गर्भ गृह से निकलने लगती है ढोल नगाड़ों की धुन वही मन्दिर के सेवक ने बताया मन्दिर मे अचानक अद्भुत चमत्कार देखने को मिलते है कामाख्या देवी मंदिर की 25 साल पहले छोटे से स्थान पर स्थापना की गई की गई थी जो जो आज विशाल मंदिर के रूप में लाखों की संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचते है वही हजारो की संख्या में महिलाएं अपनी मन्नत मांगने आती है वही 500 से ज्यादा कन्याएं क्लश भरकर नवरात्र की सुरुआत करती है कामाख्या देवी मन्दिर पर सैकङो लोगों के सयोग से नवरात्रों पर विशाल कार्यक्रम किया जाता है इस मंदिर में विराजमान कामाख्या देवी कोलकाता से स्थापना के लिए लाया गया था वही साथ मे ज्योति जलती हुई आयी थी आज भी लगातार 25 वर्षों से मन्दिर के गर्भ गृह में ज्योति जल रही है जो अद्भुत दृश्य देखने को मिलता है ।
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