पाक्सो एक्ट: दोषी संगीत शिक्षक त्रिभुवन ठक्कर को 7 वर्ष की कठोर कैद

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सोनभद्र। साढ़े 7 वर्ष पूर्व दो नाबालिग छात्राओं के साथ हुए छेड़खानी के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने सोमवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी संगीत शिक्षक त्रिभुवन ठक्कर को 7 वर्ष की कठोर कैद एवं 20 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित की जाएगी। वहीं अर्थदंड की धनराशि में से 15 हजार रूपये दोनों पीड़िताओं को मिलेगी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक अनपरा थाना क्षेत्र स्थित एक स्कूल के प्रधानाचार्य ने अनपरा थाने में 8 मई 2017 को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि उसके विद्यालय में संगीत शिक्षक त्रिभुवन ठक्कर ने दो नाबालिक छात्राओं के साथ छेड़खानी की है। इसकी शिकायत पीड़ित छात्राओं के पिता द्वारा की गई थी, जिसकी जांच कराई गई तो छेड़खानी का मामला पाया गया। इस तहरीर पर 9 मई 2017 को छेड़खानी, पाक्सो एक्ट में एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दिया और पर्याप्त सबूत मिलने पर कोर्ट में संगीत शिक्षक त्रिभुवन ठक्कर पुत्र स्वर्गीय शांतिलाल ठक्कर निवासी शंकर मार्केट गोल मार्केट के पीछे जयंत, विन्ध्यनगर, जिला सिंगरौली मध्यप्रदेश हालपता एटीपी कालोनी अनपरा , जिला सोनभद्र के विरुद्ध चार्जशीट विवेचक ने दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्को को सुनने, 10 गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी संगीत शिक्षक त्रिभुवन ठक्कर को 7 वर्ष की कठोर कैद एवं 20 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वही अर्थदंड की धनराशि में से 15 हजार रूपये दोनों पीड़िताओं को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर ले सरकारी वकील दिनेश कुमार अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और नीरज कुमार सिंह ने बहस की।

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