डाला की हवा बनी ज़हर! दुर्गंध ने खोला मौत का दरवाज़ा, अब आर-पार की लड़ाई तय

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डाला/सोनभद्र(अरविंद दुबे / गिरीश तिवारी)-
डाला नगर में सोमवार की शाम को शहीद स्थल पर सैकड़ों की संख्या में जुटे नगरवासियों ने अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी के खिलाफ खुली चेतावनी दे डाली। लोगों ने साफ कहा कि अगर अब भी ज़हरीली गैस, दुर्गंध और जानलेवा प्रदूषण को रोका नहीं गया तो कंपनी के खिलाफ निर्णायक आंदोलन छेड़ा जाएगा। जनसभा में उठी आवाज़ें सिर्फ नारों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि लोगों ने बीते एक साल के दर्द और प्रशासनिक उपेक्षा की पूरी कहानी बयान की।

डाल नव निर्माण सेवा के अध्यक्ष अंशु पटेल ने बताया कि लक्ष्मण नगर क्षेत्र में एक साल से बाहर के जिलों से गीला और सूखा कचरा लाकर खुलेआम जलाया जा रहा है। पहले यह स्थानीय कचरे तक सीमित था, लेकिन अब हर दिन गाड़ियाँ भर-भर कर कचरा ला रही हैं और उसे जलाया जा रहा है। रिहायशी इलाकों में इतनी बदबू फैल गई है कि लोग ठीक से खाना तक नहीं खा पा रहे। गैस और दुर्गंध के कारण कई परिवारों को पलायन करना पड़ा है और कुछ ने तो अब अपनी ज़मीन बेचकर यह क्षेत्र छोड़ने की ठान ली है। बाइक से गुजरते वक्त नाक बंद करनी पड़ रही है, स्कूल के छोटे-छोटे बच्चे क्लास में बैठ नहीं पा रहे, और बुजुर्ग तो दिन-रात तड़प रहे हैं। कई बार जिलाधिकारी, विधायक और प्रशासन को शिकायत दी गई, लेकिन होता सिर्फ इतना है कि दो दिन सब बंद कर दिया जाता है और फिर तीसरे दिन से गाड़ियों की संख्या और दुर्गंध और ज्यादा बढ़ा दी जाती है। पूरा डाला नगर अब इस जहरीली हवा की गिरफ्त में है।

वरिष्ठ समाजसेवी बबुंदर पाठक ने बताया कि जबसे प्रयागराज में मेला खत्म हुआ, तभी से बाहर का कचरा लाकर यहां जलाया जाने लगा है। लोगों ने मुख्यमंत्री पोर्टल से लेकर जिलाधिकारी तक गुहार लगाई, लेकिन कहीं कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कंपनी न तो यहां रोजगार देती है और न ही लोगों को स्वच्छ हवा रहने देती है। ‘दवा दर्पण’ के पर्चों में देखिए सांस, उल्टी, बीपी, दस्त, हर तरह की बीमारी का ज़िक्र है। लोग खाना खाते ही उल्टी कर रहे हैं। अब जनता थक चुकी है और फैसला कर लिया है कि अगर अब भी स्थिति नहीं सुधरी, तो सड़क पर उतरकर चक्का जाम करना पड़े या सरकार तक आवाज़ पहुंचानी पड़े, पीछे नहीं हटेंगे। जब जीते जी मर ही रहे हैं तो कम से कम आने वाली पीढ़ी को तो इस ज़हर से बचा लें।पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुभाष पाल ने कहा कि बीते छह महीने से लक्ष्मण नगर ही नहीं, बल्कि पूरे डाला क्षेत्र में ज़हरीली गैस और बदबू ने लोगों का जीवन नारकीय बना दिया है। अल्ट्राटेक कंपनी द्वारा बिना किसी वैज्ञानिक प्रबंधन के खुले में कचरा जलाया जा रहा है। बरसात में यही कचरा गलता है और गर्मी में जलकर ज़हर बनकर हवा में घुल जाता है। तीन से चार किलोमीटर तक इसका असर महसूस किया जा रहा है। लक्ष्मण नगर के कई लोग अब सांस की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। कई बार ज्ञापन, शिकायतें, मीटिंग कंपनी हर बार झूठा आश्वासन देती है और फिर कचरा जलाने का सिलसिला पहले से अधिक तेज़ कर देती है। लोग अब बर्दाश्त की सीमा से बाहर हैं और कंपनी की मनमानी के खिलाफ आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हो चुके हैं।जनसभा के दबाव और बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए जिलाधिकारी बीएन सिंह ने पूरे मामले का संज्ञान लिया है और क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी को जांच के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अल्ट्राटेक कंपनी ने वायु (प्रदूषण नियंत्रण) अधिनियम 1981 का उल्लंघन किया है। कंपनी ने अनुबंधित ईंधन की जगह बाहरी कचरा जलाया, जिससे वायुमंडल में ज़हरीली गैसें घुलीं और नागरिकों का स्वास्थ्य बुरी तरह प्रभावित हुआ। बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा गया है, अन्यथा जल और वायु की सहमति रद्द की जाएगी तथा भारी पर्यावरण क्षतिपूर्ति अधिरोपित की जाएगी।लेकिन डाला की जनता अब केवल नोटिसों और कागजी कार्रवाइयों से संतुष्ट नहीं है। जनता ने साफ कहा है कि यदि सात दिन बाद भी हालात नहीं बदले, तो डाला की सड़कों पर जनसैलाब उमड़ेगा। यह अब केवल पर्यावरण का सवाल नहीं, बल्कि अगली पीढ़ी के जीवन का प्रश्न है और जब प्रश्न जीवन का हो, तो संघर्ष रुकता नहीं वो इतिहास बनाता है। इस अवसर पर चेयरमैन प्रतिनिधि विनय कुमार सभासदों में अवनीश पांडे, विशाल गुप्ता, राजेश पटेल, बलबीर, समेत स्थानीय लोगों में संतोष सिंह बबलू, अरविंद गुप्ता, हनुमान अग्रहरि ,प्रिंस अग्रहरि, गोपाल, मनोज पांडे, मदन अग्रहरि, अहमद हुसैन, नागेंद्र पासवान, मन्नू सुमित सैकड़ो लोग उपस्थित रहे

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