(AKD/गिरीश तिवारी)
नोएडा :-जेपी ग्रुप से जुड़ी एक बड़ी खबर ने रियल एस्टेट सेक्टर में हलचल मचा दी है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरूवार, 13 नवंबर 2025 को जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मनोज गौड़ को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी लगभग 12,000 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग और होम बायर्स से जुड़ी धोखाधड़ी के मामले में की गई है।ईडी की जांच के अनुसार, मनोज गौड़ और उनकी कंपनी जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड ने हजारों घर खरीदारों से साल 2010 से 2015 के बीच फ्लैट्स और प्लॉट्स के नाम पर बड़ी रकम ली, लेकिन परियोजनाओं को समय पर पूरा नहीं किया गया। जांच में यह भी पाया गया कि खरीदारों से जुटाई गई राशि को कंपनी की अन्य इकाइयों में डायवर्ट कर दिया गया, जिससे खरीदारों को भारी नुकसान हुआ। ईडी ने इस मामले में पहले भी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और मुंबई में 15 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस दौरान एजेंसी ने करीब 1.70 करोड़ रुपये नकद और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए थे। जांच में सामने आया कि कंपनी ने फर्जी निवेश और लोन ट्रांसफर के जरिये भारी वित्तीय अनियमितताएं कीं।जेपी इंफ्राटेक पहले से ही दिवालिया प्रक्रिया के अंतर्गत है और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में पुनर्गठन चल रहा है। अब ईडी की यह गिरफ्तारी जेपी ग्रुप के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है।
इस कार्रवाई को लेकर निवेशकों और घर खरीदारों में जहां उम्मीद जगी है कि अब न्याय की दिशा में कदम आगे बढ़ेगा, वहीं रियल एस्टेट सेक्टर में इसने चिंता भी बढ़ा दी है।
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