ओबरा/सोनभद्र(AKD/ गिरीश तिवारी)-ओबरा तापीय विद्युत परियोजना के अति संवेदनशील VIP गेस्ट हाउस और VIP कॉलोनी क्षेत्र की मौजूदा तस्वीरें परियोजना के स्वच्छता प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। सूत्रों की माने तो जिस परिसर में परियोजना के सर्वोच्च अधिकारी और विशिष्ट अतिथि निवास करते हैं, वहीं खुले में कचरा और शराब की खाली बोतलें बिखरी पड़ी मिलना यह दर्शाता है कि स्वच्छता केवल फाइलों तक सिमट गई है।

सामाजिक संगठन के लोगों का कहना है कि परियोजना क्षेत्र की साफ-सफाई के लिए प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये का बजट आवंटित होता है, लेकिन जमीन पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है।VIP गेस्ट हाउस के आसपास गंदगी और नशे से जुड़ी वस्तुओं का होना यह संकेत देता है कि अधिकारी-पर्यवेक्षित क्षेत्र में भी घोर लापरवाही बरती जा रही है। यह विडंबनापूर्ण है कि सरकार द्वारा गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र करने के स्पष्ट निर्देश के बावजूद, यहां डस्टबिन केवल नाम के लिए हैं और उनके चारों ओर हर तरह का कचरा एक साथ फैला रहता है।

यह स्थिति न केवल पर्यावरणीय नियमों का सीधा उल्लंघन है, बल्कि सार्वजनिक धन के दुरुपयोग पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि यह सब कुछ अधिकारियों की सीधी निगरानी वाले क्षेत्र में हो रहा है। सोन चेतना जैसे सामाजिक संगठनों का कहना है कि जब VIP गेस्ट हाउस जैसे संवेदनशील परिसर में शराब की बोतलें और कूड़े के ढेर सामान्य दृश्य बन चुके हैं, तो आम नागरिकों के क्षेत्रों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। यह अव्यवस्था स्पष्ट करती है कि परियोजना प्रबंधन या तो स्थिति की अनदेखी कर रहा है या उसे इस गंभीर लापरवाही से कोई सरोकार नहीं है। संगठन ने इस अव्यवस्था पर जवाबदेही तय करने और स्वच्छता के नाम पर आवंटित धन के उपयोग की दिशा स्पष्ट करने की मांग की है।
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