औरैया। थाना बेला पुलिस, एसओजी और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने एक सनसनीखेज हत्या का खुलासा करते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि मृतक की पत्नी ने ही अपने प्रेमी और उसके दोस्त के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी। हैरानी की बात यह रही कि हत्या के बाद पत्नी शव के पास बैठकर फूट-फूटकर रोने का नाटक करती रही, ताकि किसी को उस पर शक न हो। मामला रविवार 11 जनवरी को सामने आया, जब थाना बेला पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम कुर्सी और बूचपुर के बीच नहर की पटरी के पास एक व्यक्ति का शव पड़ा है। पुलिस मौके पर पहुंची तो शव की शिनाख्त ग्राम कुर्सी निवासी शैलेन्द्र सिंह पाल (पुत्र स्वर्गीय औसान सिंह पाल) के रूप में हुई। घटनास्थल का उच्चाधिकारियों ने निरीक्षण किया। बेला पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतक के ताऊ मानसिंह पाल की तहरीर पर थाना बेला में मुकदमा दर्ज किया गया। एसपी अभिषेक भारती ने ककोर स्थित जिला मुख्यालय पर घटना का खुलासा करते हुए बताया कि हत्या के शीघ्र अनावरण के लिए विशेष टीमें गठित की गई थीं। 13 जनवरी को बेला पुलिस, एसओजी और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर बेला-तिर्वा रोड बॉर्डर बैरियर पर चेकिंग के दौरान अवनीश पाल और रिंकू कठेरिया को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल बरामद की गई। पूछताछ में अभियुक्तों की निशानदेही पर बेला-तिर्वा बॉर्डर स्थित बूचपुर मोड़ तिराहे के पास झाड़ियों से हत्या में प्रयुक्त मफलर भी बरामद किया गया। इसी दौरान मृतक की पत्नी अर्चना का नाम भी हत्या की साजिश में सामने आया।
प्रेम संबंध बना हत्या की वजह पूछताछ में आरोपी अवनीश पाल ने बताया कि शैलेन्द्र उसका रिश्तेदार था। शैलेन्द्र की पत्नी अर्चना से प्रेम संबंध थे। शैलेन्द्र इस रिश्ते का विरोध करता था। आरोपी अर्चना ने भी स्वीकार किया कि वह अवनीश के साथ रहना चाहती थी। इसी कारण तीनों ने मिलकर शैलेन्द्र को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
पटना नहर पुल पर बुलाकर की गई हत्या
योजना के तहत 10 जनवरी को शैलेन्द्र को पटना नहर पुल पर बुलाया गया। वहां उसे शराब पिलाई गई और फिर मफलर से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई। शैलेन्द्र कानपुर की एक प्राइवेट फैक्ट्री में नौकरी करता था। अर्चना ने परिजनों को बताया था कि शैलेन्द्र शनिवार को नौकरी पर जाने की बात कहकर घर से निकला था। हत्या के बाद अर्चना शव के पास बैठकर फूट-फूटकर रोने का नाटक करती रही, ताकि किसी को उस पर शक न हो। हालांकि पुलिस जांच में उसका यह ड्रामा ज्यादा देर तक टिक नहीं सका।
सीसीटीवी और सर्विलांस से टूटी साजिश की कड़ी पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें दोनों आरोपी बाइक से शैलेन्द्र को बैठाकर ले जाते हुए दिखाई दिए। मुखबिर से पहचान कराई गई तो दोनों की पुष्टि हो गई। सर्विलांस से भी दोनों अभियुक्तों और पत्नी अर्चना की घटना स्थल पर मौजूदगी की पुष्टि हुई। गिरफ्तारी करने वाली टीम में थाना बेला के थानाध्यक्ष गंगादास गौतम व उनकी टीम, प्रभारी सर्विलांस सेल /एसओजी उप निरीक्षक समित चौधरी और उनकी टीम शामिल रही।
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