
AKD।गिरीश तिवारी
सोनभद्र। खनन टेंडर को लेकर बड़ा घोटाले का मामला सामने आया है, जिसने पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि टेंडर के दौरान दस्तावेजों में हेरफेर कर मनचाही फर्म को फायदा पहुंचाया गया और नियमों को दरकिनार करते हुए खनन पट्टा आवंटित कर दिया गया।मामला तब और गंभीर हो गया जब पूरी प्रक्रिया को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई, जिस पर सुनवाई के बाद ने टेंडर प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।

अदालत के इस फैसले के बाद खनन विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।बताया जा रहा है कि खनन पट्टे के लिए जहां एक ओर 1051 रुपये प्रति घन मीटर की ऊंची बोली लगी थी, वहीं दूसरी ओर दस्तावेजों में गड़बड़ी कर उसी पट्टे को मात्र 207 रुपये प्रति घन मीटर में आवंटित कर दिया गया। इस अंतर ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया है।पिछले महीने हुई इस टेंडर प्रक्रिया में नियमों को ताक पर रखकर फैसले लिए गए, जिससे सरकारी राजस्व को भी बड़ा नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। अब अदालत के हस्तक्षेप के बाद मामले की परतें खुलनी शुरू हो गई हैं और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
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