भारत में पहली बार डाला खनन क्षेत्र में AAI इस तकनीकी का करने जा रहा प्रयोग

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HIGHLIGHTS
  • डाला,सोनभद्र(गिरीश तिवारी) : बिल्ली मारकुण्डी खनन क्षेत्र में स्थित
  • वन भूमि एरिया में पानी भरे गढ्ढो में तब्दील गहरी खदानो को पाटकर उसे हराभरा बनाने के लिए उ०प्र० के अपर मुख्य सचिव वन मनोज सिंह,उ०प्र०के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्षसुधीर कुमार शर्मा, प्रधान…
  • पानी भरे गढ्ढे खदानो का मौका मुआयना किया।इस दौरान अपर मुख्य सचिव वन मनोज सिंह ने बताया कि खनन कर खदानो को काफी गहरा कर उसे ऐसे ही छोड़ दिया गया है जो दुर्घटना का…
  • जमीन से निकलने वाले पानी व आसपास के खदाने में भरे पानी के सिपेज को रोकर उस ऐरिया को समतल व उपजाऊ बनाकर उस पर वृक्षा रोपण की योजना है यह पुरी प्रक्रिया सन् 2025…
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डाला,सोनभद्र(गिरीश तिवारी) : बिल्ली मारकुण्डी खनन क्षेत्र में स्थित वन भूमि एरिया में पानी भरे गढ्ढो में तब्दील गहरी खदानो को पाटकर उसे हराभरा बनाने के लिए उ०प्र० के अपर मुख्य सचिव वन मनोज सिंह,उ०प्र०के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्षसुधीर कुमार शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजय कुमार श्रीवास्तव, मनीष मित्तल चीफ मीरजापुर,अनूपम गुप्ता एडीशनल मुख्य वन संरक्षक आदि दर्जनो अधिकारियो ने बिल्ली मार्कुण्डी के लंकड़ा मोड़ स्थित पानी भरे गढ्ढे खदानो का मौका मुआयना किया।इस दौरान अपर मुख्य सचिव वन मनोज सिंह ने बताया कि खनन कर खदानो को काफी गहरा कर उसे ऐसे ही छोड़ दिया गया है जो दुर्घटना का कारण भी बन रहा है।जिसका पानी काफी खारा है,जो पीने योग्य नहीं है।ऐसे वन भूमि ऐरिया में आने वाले पानी भरे गहरे खदानो को पाटकर उस जगह को हराभरा बनाने की योजना है।गहरी खदानो में पहले स्थानीय मिट्टी को पाटा जाएगा।इसके बाद रेडमेट उसके ऊपर राख व ऊपर उपजाऊ मिट्टी डाली जाएगी यह पुरी प्रक्रिया करने से खदानो की तली अर्थात जमीन से निकलने वाले पानी व आसपास के खदाने में भरे पानी के सिपेज को रोकर उस ऐरिया को समतल व उपजाऊ बनाकर उस पर वृक्षा रोपण की योजना है यह पुरी प्रक्रिया सन् 2025 तक पुरा करने के बाद 2026 में इस बंजर भूमि पर वृक्षारोपण कर इसे हराभरा बनाया जाएगा यह कार्य एल्युमिनियम एसोसिएशन आफ इंडिया व पर्यावरण से जुड़े अन्य संस्थानो के सहयोग से किया जाएगा।उन्होने बताया कि देश भर में इस तरह का पहला प्रयोग जनपद सोनभद्र के बिल्ली मार्कुण्डी की धरती से किया जा रहा है सफलता मिलने पर देश के अन्य भागो में भी ऐसे गहरे भूमि को हराभरा बनाने में यह प्रयोग किया जाएगा। एक प्रश्न के जवाब में उन्होने कहा कि वन भूमि में खनन पुरी तरह प्रतिबंध है।अगर कही भी वन भूमि में किसी भी प्रकार का खनन हो रहा है तो वह गलत है।जिसके विरूद्ध कार्वाही की जाएगी।मीरजापुर के चीफ मनीष मित्तल ने बताया कि तकरीबन 5500 स्कवायर मीटर एरिया की गहरी खदानो में मिट्टी,रेडमेट,राख व उपजाऊ मिट्टी भरने और उसे समतल बनाने का कार्य होगा,जिसपर लगभग 24 करोड़ रूपये का खर्च आयेगा।उन्होने बताया कि यह देश के लिए बहुत बड़ा काम होगा।टीम में नित्यानंद राय प्रेसीडेन्ट हिण्डाल्को, ओबरा डीएफओ अनुराग प्रियदर्शी,इलाबाद जोन एवं मीरजापुर जोन के समस्त डीएफओ आदि अधिकारी मौजूद रहे।

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