गौरैया दिवस की पूर्व संध्या पर गौरैया को समर्पित काव्य गोष्ठी का किया गया आयोजन

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HIGHLIGHTS
  • संवाददाता--संजय सिंह "गौरैया हम तुम्हें जाने नहीं देंगे" - आशीष पाठक ट्रस्टी उत्सव ट्रस्ट।
  • उत्सव ट्रस्ट के ट्रस्टी आशीष पाठक द्वारा सन 2019 से ही चलाया जा रहा है गौरैया संरक्षण अभियान।
  • उत्सव ट्रस्ट द्वारा जनपद सोनभद्र, वाराणसी, लखनऊ, गोंडा, इलाहाबाद, बाराबंकी व दिल्ली में अब तक लगभग 5000 स्वनिर्मित
  • घोसले लगाए जा चुके हैं।
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संवाददाता–संजय सिंह

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“गौरैया हम तुम्हें जाने नहीं देंगे” – आशीष पाठक ट्रस्टी उत्सव ट्रस्ट।

उत्सव ट्रस्ट के ट्रस्टी आशीष पाठक द्वारा सन 2019 से ही चलाया जा रहा है गौरैया संरक्षण अभियान।

उत्सव ट्रस्ट द्वारा जनपद सोनभद्र, वाराणसी, लखनऊ, गोंडा, इलाहाबाद, बाराबंकी व दिल्ली में अब तक लगभग 5000 स्वनिर्मित घोसले लगाए जा चुके हैं।

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गौरैया सहित तमाम विलुप्त होती प्रजातियों को बचाने का लिया गया संकल्प।

सोनभद्र – उत्सव ट्रस्ट के तत्वाधान में आशीष पाठक एडवोकेट के रॉबर्टसगंज स्थित आवास पर बुधवार को कवि गोष्ठी का आयोजन हिन्दी साहित्यिक पत्रिका असुविधा के सम्पादक श्री रामनाथ शिवेंद्र जी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन शहीद स्थल करारी के प्रबंधक श्री प्रद्युम्न तिवारी जी एडवोकेट ने किया। कवि श्री सुधाकर पाण्डेय ‘स्वदेश प्रेम’ जी ने वाणी वंदना “वर दे शारदे मां वर दे” से कार्यक्रम का शुभारंभ किया तत्पश्चात् उत्सव ट्रस्ट के संरक्षक श्री सिद्धनाथ पाण्डेय जी ने “भोली गौरैया तू छोड अंगनईया के कहाँ जाई गईलू लुकाई हो चिरईया”, देश-विदेश के ख्यातिलब्ध एवं सुप्रसिद्ध कॉमेडियन एवं मिमिक्री आर्टिस्ट उत्सव ट्रस्ट के संरक्षक श्री अभय कुमार शर्मा जी ने “गौरैया बचाने का शुभ काम हो रहा है उत्सव ये कोशिसों का सुबहो शाम हो रहा है”, श्री अशोक तिवारी जी एडवोकेट ने “फिरकापरस्ती परिंदे नहीं करते, हम आदमी होकर भी क्या-क्या नहीं करते”, श्री अब्दुल हई जी “परिंदे अब मुंढेरों पर कभी आया नहीं करते”, श्री दयानन्द दयालू ने “उजड़ल जाता उजड़ल गऊवां बसवार हो”, श्री दिलीप सिंह ‘दीपक’ ने छोटी सी प्यारी सी चिड़िया हूं मैं बचा लो बचा लो गौरैया हूं मैं”, श्री धर्मेश चौहान जी एडवोकेट ने “कहाँ गयी गौरैया, फिर से आओ मेरे द्वार”, श्रीमती कौशल्या चौहान जी ने मुझको मेरी चिड़िया रानी लगती बेहद प्यारी हैं”, श्री प्रभात सिंह चंदेल जी ने “मनभावन सोन चिराईया हूँ मैं नन्ही गौरईया हूँ”, श्री प्रद्युम्न त्रिपाठी जी एडवोकेट ने “चहकन चिरईयन के कहाँ खो गईल, एही से सभे कोई आज रो रहिल”, श्री गोपाल कुशवाहा जी ने “आग पानी में लगाते हैं लगाने वाले, चैन से यार रहेंगे न जमाने वाले”, श्रीमती अलका केसरी जी ने “मैं नन्ही गौरैया हमको जीने का अधिकार दो”, श्री राधेश्याम पाल जी ने “आँगन की मेरे किलकारी, कहाँ गयी गौरैया प्यारी”, श्री दिवाकर ‘मेघ’ जी आदि ने काव्यपाठ कर उपस्थित श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर पूरे आयोजन में चार चाँद लगा दिया। इस अवसर पर उत्सव ट्रस्ट के संरक्षकगण डॉ श्री प्रकाश पाठक जी, स्वामी अरविंद सिंह जी, श्री संतोष कुमार सिंह जी, डॉ चंद्र भूषण देव पाण्डेय जी, श्री देवेंद्र कुमार त्रिपाठी जी, श्री मनीष पाठक जी के साथ ट्रस्ट के सदस्य, डॉ संतोष केशरी जी, श्री संतोष चौबे जी, श्री मनोज मिश्रा जी, श्री संजय शर्मा जी, श्री अनुराग पाण्डेय जी, श्री अभिषेक चतुर्वेदी जी, श्री संजय पटेल जी, श्री हीरालाल जी, श्री श्रीश पाठक जी, श्री अविजित जी, श्री रेयांश गुप्ता जी, श्री माधव पाठक जी आदि सहित श्रीमती कलावती जी, श्रीमती विभा जी, श्रीमती लक्ष्मी जी, श्रीमती नमिता गुप्ता जी आदि की उपस्थिति में गौरैया को समर्पित यह आयोजन पूरी दिव्यता एवं भव्यता के साथ उत्सव ट्रस्ट के ट्रस्टी आशीष पाठक द्वारा संकटग्रस्त गौरैया को बचाने के उपाय, जागरूकता संदेश एवं गौरैया तथा गौरैया जैसी विलुप्त होती तमाम प्रजातियों को बचाने की अपील तथा हमने यह प्रण ठाना है गौरैया को बचाना है के संकल्प के साथ कार्यक्रम समापन हुआ।

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