सोनभद्र(AKD/गिरीश तिवारी)-डिजिटल युग में सतर्कता को सुरक्षा की ढाल बनाते हुए सोनभद्र पुलिस ने साइबर जागरूकता, यातायात नियम एवं मिशन शक्ति पर भव्य जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।

पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के नेतृत्व में डी.आर. ड्रीम्स होटल, रॉबर्ट्सगंज में हुए इस कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों, विद्यालयों के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, पत्रकारों और गणमान्य नागरिकों की बड़ी भागीदारी रही।कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक, साइबर क्राइम वी.के. सिंह और अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन पीयूष मोर्डिया वर्चुअल माध्यम से जुड़े और साइबर सुरक्षा के प्रति नागरिकों की जिम्मेदारी पर जोर दिया। मुख्य अतिथि नेशनल साइबर एक्सपर्ट अमित दुबे ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई वैधानिक प्रक्रिया नहीं होती। किसी संदिग्ध लिंक, QR कोड या कॉल पर भरोसा न करें। उन्होंने बताया कि साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल कर बैंक खाते को फ्रीज करवाना चाहिए।

कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने साइबर सुरक्षा, यातायात नियम और मिशन शक्ति पर आधारित नाट्य प्रस्तुति, पोस्टर प्रदर्शन और लघु फिल्मों के माध्यम से प्रभावशाली संदेश दिए।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने कहा कि साइबर अपराध से निपटने का सबसे बड़ा हथियार जागरूकता है। हर नागरिक को डिजिटल सतर्कता अपनानी चाहिए और साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है जागरूकता। अगर कोई डिजिटल अरेस्ट कहकर डराए या लिंक भेजे तो समझ लें कि वो ठगी है। तुरंत 1930 पर कॉल करें और बैंक को सूचित करें। जागरूक रहें, तभी सुरक्षित रहेंगे। मिशन शक्ति और यातायात सुरक्षा दोनों ही समाज को सुरक्षित बनाने के मूल आधार हैं।
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