किसानों के विरोध के बीच विधायक ने दोबारा सर्वे की उठाई मांग को जिलाधिकारी ने दी स्वीकृति

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AKD।गिरीश तिवारी

सोनभद्र। प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। जमीन चिन्हांकन की प्रक्रिया से नाराज किसानों का गुस्सा जहां महापंचायत में खुलकर सामने आया, वहीं अब इस मामले में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रियता भी बढ़ गई है।करमा ब्लाक के लोहरा गांव में आयोजित महापंचायत के दौरान किसानों ने जमीन अधिग्रहण की आशंका को लेकर जमकर विरोध जताया। घोरावल के विधायक अनिल मौर्य को किसानों के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। किसानों का कहना था कि उन्होंने प्रशासन को लिखित रूप से अपनी चिंता बताई है, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। विधायक द्वारा मामले को अफवाह बताए जाने पर किसानों ने लिखित खंडन की मांग की। माहौल तनावपूर्ण होने पर विधायक बीच सभा से ही निकल गए, जिससे नाराजगी और बढ़ गई।इसी बीच मंगलवार को विधायक अनिल मौर्य जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह से मुलाकात कर पूरे मामले में पुनः सर्वे कराने की मांग रखी। विधायक ने स्पष्ट कहा कि औद्योगिक गलियारे के लिए सभी तहसीलों में भूमि का सर्वे कराया जा रहा है, लेकिन किसी भी स्थिति में किसानों की उपजाऊ जमीन नहीं ली जाएगी।उन्होंने कहा कि केवल पहाड़ी, बंजर या सरकारी भूमि को ही कॉरिडोर के लिए प्रस्तावित किया जाएगा, ताकि किसानों को किसी प्रकार का नुकसान न हो। प्रशासन को भी निर्देशित किया गया है कि ऐसी भूमि को प्राथमिकता दी जाए जहां खेती न होती हो और आबादी प्रभावित न हो।फिलहाल, प्रशासन ने पहले भेजी गई रिपोर्ट को वापस कर नए सिरे से सर्वे और चिन्हांकन करने का निर्देश दिया है। उधर, किसानों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा और जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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