AKD।गिरीश तिवारी
कोन।सोनभद्र: कोन थाना क्षेत्र के पीपरखाड़ गांव में उस समय मातम पसर गया जब छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले में हुए पावर प्लांट हादसे में जान गंवाने वाले तीन मजदूरों के शव एक साथ गांव पहुंचे। अलग-अलग एम्बुलेंस से सुबह गांव पहुंचे शवों को देखते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया।मृतकों में राजू राम (40), बृजेश (31) और पंकज (25) शामिल हैं। तीनों मजदूरी के लिए छत्तीसगढ़ गए थे, जहां वेदांता पावर प्लांट में हुए बॉयलर विस्फोट की चपेट में आकर उनकी दर्दनाक मौत हो गई।शव गांव पहुंचने के बाद परिजनों और ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हर आंख नम थी और माहौल बेहद भावुक हो गया। इसके बाद कचनरवा पांडु नदी घाट पर तीनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ तीन चिताएं जलती देख हर कोई स्तब्ध रह गया और गांव में गहरा शोक छा गया।पीपरखाड़ गांव में इस हृदयविदारक घटना के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है और हर घर में सिर्फ दुख और शोक की लहर दिखाई दे रही है।
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