तेज बारिश ने लोक निर्माण विभाग की खोली पोल, देखे रिपोर्ट

Share

सोनभद्र में मानसून की पहली तेज बारिश ने लोक निर्माण विभाग की तैयारियों की पोल खोल दी है। गुरमा स्थित जिला कारागार को जोड़ने के लिए घाघर नदी पर पुल निर्माण के दौरान बनाया गया वैकल्पिक संपर्क मार्ग तेज बहाव में पूरी तरह बह गया। इसके बाद जिला कारागार और आसपास के गांवों का सीधा संपर्क टूट गया है। हालात ऐसे हैं कि हजारों ग्रामीणों को अब 7 से 8 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल्द स्थायी समाधान की मांग की है। मारकुंडी से गुरमा जिला कारागार को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर घाघर नदी पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। आवागमन बनाए रखने के लिए लोक निर्माण विभाग ने मीनाबाजार के पास एक वैकल्पिक संपर्क मार्ग तैयार कराया था, लेकिन मानसून की पहली तेज बारिश और नदी के बढ़े जलस्तर के सामने यह रास्ता टिक नहीं सका और तेज बहाव में पूरी तरह बह गया। मार्ग बहने के बाद जिला कारागार गुरमा का सीधा संपर्क बाधित हो गया है। अब लोगों को मारकुंडी, तेलाई, चकरिया, पेड़रहवा, कुशहिया और कालापानी होते हुए करीब 7 से 8 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे समय और पैसे दोनों की अतिरिक्त लागत उठानी पड़ रही है।
इसका सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों, मरीजों, दैनिक मजदूरों, व्यापारियों और ग्रामीण महिलाओं पर पड़ रहा है। बरसात के बीच लंबा और जोखिम भरा रास्ता लोगों की मुश्किलें और बढ़ा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुल निर्माण शुरू होने के समय से ही मजबूत और सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग की मांग लगातार की जा रही थी। इसके लिए कई बार ज्ञापन और प्रदर्शन भी किए गए, लेकिन जिम्मेदार विभाग ने समय रहते कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। अब क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग तैयार कराने और पुल निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग की है। फिलहाल पहली ही बारिश में बहा यह वैकल्पिक संपर्क मार्ग विभागीय तैयारियों पर सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन लोगों की परेशानी दूर करने के लिए कितनी जल्दी सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था करता है।

Author Profile

Public Bharat News
Public Bharat News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!