ओबरा/डाला (अरविंद दुबे,गिरीश तिवारी)-
जिला प्रशासन ने पर्यावरण नियमों की अनदेखी को लेकर बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ओबरा क्षेत्र के बिल्ली मारकुंडी और डाला बारी में संचालित चार स्टोन क्रेशर प्लांट्स को सील कर दिया। साथ ही दो अन्य क्रेशर संचालकों को नोटिस जारी करते हुए कड़ी चेतावनी दी गई है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह द्वारा गठित विशेष संयुक्त जांच टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर की गई,जिसमें प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड, खनन विभाग व राजस्व अधिकारी शामिल थे।संयुक्त टीम द्वारा किए गए निरीक्षण में पाया गया कि जिन क्रेशर प्लांट्स को सीज किया गया है, वहां प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी बुनियादी व्यवस्थाएं जैसे वाटर स्प्रिंकलिंग, डस्ट फिल्टर सिस्टम और अन्य तकनीकी उपाय या तो पूरी तरह अनुपस्थित थे या निष्क्रिय पड़े थे। इसके चलते न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा था बल्कि आस-पास के ग्रामीण इलाकों में धूल और रासायनिक कणों के चलते जनस्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।

सीज किए गए क्रेशरों में डाला बारी क्षेत्र के सुशील ग्रिड और राधा स्वामी सेवा समिति, तथा बिल्ली मारकुंडी क्षेत्र के सुरेंद्र नाथ मिश्रा और मिश्रा स्टोन क्रशिंग कंपनी शामिल हैं। वहीं शंकर स्टोन सेवा समिति और विजय स्टोन प्रोडक्ट, जो डाला बारी क्षेत्र में ही संचालित हैं, को नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर प्रदूषण नियंत्रण की समुचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।कार्रवाई के दौरान मौके पर खनन निरीक्षक मनोज खनन,वैज्ञानिक UPPCB सुशील कुमार ,एसडीएम विवेक कुमार सिंह और लेखपाल अमित सिंह उपस्थित थे, जिन्होंने संयोजन में न सिर्फ निरीक्षण किया बल्कि आवश्यक दस्तावेजों और मशीनरी की गहन पड़ताल की।प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई के पीछे क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की लंबे समय से चल रही शिकायतें भी अहम रहीं। बताया गया कि लगातार उड़ती धूल, तेज शोर और के कारण बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों में सांस की समस्या, आंखों में जलन जैसी दिक्कतें बढ़ रही थीं। इसके बावजूद क्रेशर यूनियन और संचालकों को पहले कई बार चेतावनी दी गई थी कि वे मानकों के अनुसार प्रदूषण नियंत्रण की व्यवस्था लागू करें, लेकिन बार-बार की अपीलों और बैठकों के बावजूद किसी भी ठोस सुधारात्मक कदम को लागू नहीं किया गया।अब प्रशासन ने साफ संदेश दे दिया है कि पर्यावरणीय मानकों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मिली जानकारी के अनुसार आगामी दिनों में ऐसे सभी क्रेशर प्लांट्स की नियमित जांच जारी रहेगी और नियमों की अनदेखी करने वालों पर बिना किसी पूर्व सूचना के कड़ी कार्यवाही की जाएगी।वहीं क्रेशर यूनियन के कुछ पदाधिकारियों में नाराजगी और बेचैनी भी देखी जा रही है। लेकिन जिला प्रशासन अब केवल कागजी कार्यवाही तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि जमीन पर प्रभावी और परिणाममुखी कार्रवाई के लिए तैयार है।
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