सोनभद्र। जनपद मे हृदयविदारक घटना उस वक्त घटी जब चोपन थाना क्षेत्र के कोटा ग्राम सभा मे स्थित एक निजी विद्यालय पर अचानक गिरी आकाशीय बिजली से चार बच्चे चपेट में आ गए। जिसमे दो छात्र व एक छात्रा की मौत हो गयी जबकि एक गम्भीर रूप से झुलस गयी जिसे नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चोपन में भर्ती कराया गया। वही इस हृदयविदारक घटना को सुनते ही कोहराम मच गया और सब स्कूल की तरफ भगाने लगे। इस घटना के सम्बन्ध में उप जिलाधिकारी ओबरा ने बताया कि कोटा गांव के नौटोलिया टोला में स्थित एक निजी विद्यालय पर आकाशीय बिजली गिरने से दो बच्चो की मौत हुई है वही दो बच्चे झुलस गए है जिसमे एक बच्ची को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया जबकि दूसरे का उपचार सीएचसी चोपन में चल रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद के चोपन थाना क्षेत्र के कोटा ग्राम पंचायत के नौटोलिया टोला में एक बड़ी और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है जहाँ एक निजी विद्यालय में छुट्टी के वक्त घर लौटने की तैयारी कर रहे मासूम बच्चों पर आसमान से मौत बनकर आयी आकाशीय बिजली गिर पड़ी,जिसमे तीन बच्चो की मौत हो गयी। इस हादसे से मासूम बच्चे जो सुबह अपने घर से हँसते–खेलते स्कूल के लिए निकले थे, वे अब कभी लौटकर अपने परिजनों की गोद में नहीं आएंगे।

ब्रह्मदेव पब्लिक स्कूल, नौटोलिया में छुट्टी का समय चल रहा था। बच्चे अपने–अपने बैग समेटकर घर जाने की तैयारी में थे तभी अचानक गिरी आसमानी बिजली ने पूरे स्कूल को दहला दिया। तीन मासूम बच्चो दीपक 13 वर्ष, अरविन्द 08 वर्ष और रेखा 14 वर्ष की मौत हो गयी। यह तीनों बच्चों ने कभी सोचा भी नहीं था कि स्कूल का यह दिन उनकी जिंदगी का आखिरी दिन होगा। घर से सकुशल पढ़ाई करने निकले बच्चे अब काल बनकर गिरी बिजली की चपेट में आ गए। वही आकाशीय बिजली की घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने तत्काल एंबुलेंस को सूचना दी और घायल बच्चों को चोपन सीएचसी लाया गया, लेकिन यहाँ हालात और भी लापरवाही भरे मिले। वही सीएचसी के अधीक्षक अस्पताल से नदारद रहे। मौके पर मौजूद चिकित्सको ने देखते ही दो मासूम बच्चों को मृत घोषित कर दिया, जबकि एक गंभीर छात्रा को जिला अस्पताल रेफर किया जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गयी।

वही तीन–तीन मासूमों की मौत के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। इन बच्चो के परिजनों का रो–रोकर बुरा हाल है। वही अन्य अभिभावको का गुस्सा इस बात पर भी है कि यह स्कूल बिना मान्यता के संचालित हो रहा था। जिसमे आकाशीय बिजली से बचने के लिए तड़ित चालक यंत्र नही लगाया गया था। मनीष मामले को लेकर चोपन सीएचसी में तैनात डॉक्टर अर्जुन कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि चार बच्चों को विद्यालय के अध्यापकों द्वारा अस्पताल लाया गया। जिसमें दो बच्चे मृत अवस्था में ही लाए गए थे जबकि दो घायल थे। जिसमें एक बच्ची रेखा की हालत गंभीर देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। एक की स्थिति स्थिर देखते हुए चोपन अस्पताल में उपचार जारी है। इस घटना के सम्बन्ध में उप जिलाधिकारी ओबरा ने बताया कि कोटा गांव के नौटोलिया टोला में स्थित एक निजी विद्यालय पर आकाशीय बिजली गिरने से दो बच्चो की मौत हुई है वही दो बच्चे झुलस गए है जिसमे एक बच्ची को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया जबकि दूसरे का उपचार सीएचसी चोपन में चल रहा है। बरहाल सबसे सवाल बड़ा है यह कि आखिर बिना मान्यता के ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई क्यो नहीं होती जो सुरक्षा के कोई मानक भी पूरी नही करते हुए संचालित हो रहे है। आखिर कब तक मासूमों की जिंदगी लापरवाही की भेंट चढ़ती रहेगी।
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