ओबरा।सोनभद्र(AKD/गिरीश तिवारी)- नगर स्थित की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। पूर्वांचल क्षेत्र में खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा यह स्टेडियम आज उपेक्षा का शिकार होकर जर्जर अवस्था में पहुंच गया है, जिससे यहां आने वाले खिलाड़ियों और दर्शकों की सुरक्षा पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।वर्ष 1975 के आसपास तापी विद्युत परियोजना, ओबरा के अंतर्गत निर्मित यह स्टेडियम लंबे समय तक रणजी ट्रॉफी सहित जिला, मंडल और पूर्वांचल स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का साक्षी रहा है। स्टेडियम में तीन खेल मैदान मौजूद हैं, लेकिन वर्तमान में इसकी संरचनात्मक स्थिति बेहद कमजोर हो चुकी है।दर्शक दीर्घा में बनी सीमेंटेड बैठने की संरचनाएं कई जगह से टूट चुकी हैं। सीढ़ियों और प्लेटफॉर्म की मजबूती भी प्रभावित है, जिससे खेल आयोजन के दौरान किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।

वहीं, स्टेडियम की बाउंड्री और प्रवेश से जुड़ी दीवारों का रखरखाव भी लंबे समय से नहीं हुआ है। नाले से सटे हिस्सों में सुरक्षा इंतजाम न के बराबर हैं और पूर्व में दीवार गिरने की घटना भी हो चुकी है।खेल परिसर में बने शौचालय लंबे समय से अनुपयोगी पड़े हैं। हाल ही में उन्हें पूरी तरह बंद कर दिया गया, लेकिन खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए किसी वैकल्पिक व्यवस्था की व्यवस्था नहीं की गई है। इससे नियमित अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।स्टेडियम के रखरखाव के लिए हर साल धनराशि स्वीकृत होने के बावजूद जमीनी स्तर पर सुधार नजर नहीं आता। खेल आयोजन के समय विभागीय अधिकारी मौजूद रहते हैं, लेकिन आयोजन समाप्त होते ही स्टेडियम फिर से उपेक्षा का शिकार हो जाता है।

खेल और शारीरिक विकास के लिए महत्वपूर्ण इस स्टेडियम की मौजूदा स्थिति प्रशासनिक निगरानी और जवाबदेही पर सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोगों और खिलाड़ियों ने मांग की है कि स्टेडियम की तकनीकी जांच कराई जाए, जर्जर हिस्सों की तत्काल मरम्मत हो और साफ-सफाई व मूलभूत सुविधाओं को बहाल किया जाए, ताकि अंबेडकर स्टेडियम एक बार फिर सुरक्षित और उपयोगी खेल परिसर बन सके।
Author Profile

Latest entries
सम्पादकीयFebruary 9, 2026पटवध बसुहारी मार्ग की बदहाली पर भाकपा का सांकेतिक प्रदर्शन, आंदोलन की चेतावनी
सम्पादकीयFebruary 9, 2026समाधान दिवस में 24 जनशिकायतों का किया गया निस्तारण
सम्पादकीयFebruary 9, 2026मृत व्यक्ति के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा, जमानत के लिए भटक रहा बेटा
सम्पादकीयFebruary 9, 2026अंबेडकर स्टेडियम जर्जर, खिलाड़ियों और दर्शकों की सुरक्षा पर खतरा