नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी राज पांडेय को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा

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AKD। गिरीश तिवारी

सोनभद्र। जनपद की एक विशेष अदालत ने साढ़े सात साल पुराने नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोषी राज पांडेय उर्फ राजा को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह पूरा मामला 23 अगस्त 2018 का है, जब रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली एक 16 वर्षीय दलित किशोरी को आरोपी राज पांडेय बहला-फुसलाकर अपनी बाइक से चुर्क के जंगलों में ले गया था। वहाँ उसने किशोरी के साथ जबरन दुष्कर्म किया और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, दोषी ने पीड़िता को जातिसूचक गालियां दीं और किसी से शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। घटना के बाद पीड़िता की माँ ने 25 अक्टूबर 2018 को रॉबर्ट्सगंज थाने में तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जाँच शुरू की थी।मामले की सुनवाई के दौरान अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने अभियोजन पक्ष के 9 गवाहों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों का गहराई से अवलोकन किया। सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और नीरज कुमार सिंह की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने 30 वर्षीय राज पांडेय को दोषी करार दिया। सजा के तौर पर उसे 20 साल की कड़ी कैद और 56 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। यदि दोषी जुर्माने की राशि जमा नहीं करता है, तो उसे 2 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि दोषी द्वारा पहले जेल में बिताई गई अवधि को उसकी मुख्य सजा में शामिल किया जाएगा। साथ ही, न्याय के मानवीय पक्ष को देखते हुए कोर्ट ने आदेश दिया कि जुर्माने की कुल राशि में से 40 हजार रुपये की धनराशि पीड़िता को सहायता के रूप में प्रदान की जाएगी।

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