
शराब नीति मामले में जिस केस को लेकर महीनों तक सियासी संग्राम छिड़ा रहा, उसी में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है।
अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसौ दिया को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। अदालत ने साफ शब्दों में कहा — आरोप तो बहुत लगाए गए, लेकिन उन्हें साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत पेश नहीं किए जा सके। कोर्ट ने टिप्पणी की कि कानून भावनाओं से नहीं, प्रमाणों से चलता है… और जब प्रमाण ही मजबूत न हों, तो दोष सिद्ध नहीं किया जा सकता। इसी के साथ दोनों नेताओं को बरी कर दिया गया… यानी कानूनी तौर पर क्लीन चिट। अब इस फैसले के बाद सियासत में नया तूफान उठना तय है। समर्थक इसे “सत्य की जीत” बता रहे हैं… तो विपक्ष के लिए यह फैसला बड़ा झटका माना जा रहा है। दिल्ली की राजनीति का यह अध्याय भले अदालत में थमता दिख रहा हो… लेकिन सियासी बहस अभी लंबी चलेगी।
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