नगर गांव सहित जनपद में सक्रिय हैं ब्याज माफिया, कर्ज देकर मनमाना वसूल रहे ब्याज ।

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HIGHLIGHTS
  • सोनभद्र(अरविंद दुबे,गिरीश तिवारी)-:- वर्तमान परिवेश में खर्च अधिक और आय कम होने के कारण आम आदमी को किसी न किसी समय कर्ज लेना पड़ता है जिसे चुकाने में वह ब्याज के दलदल में फंसता ही…
  • सोनभद्र जनपद के विभिन्न नगरीय व ग्रामीण क्षेत्र में अनेक वित्तीय संस्थाएं लोगों को व्यापारिक तौर से कर्ज बांट रही हैं।यह वित्तीय संस्थाएं बैंक या कोई अन्य संस्था होती है, ये ब्याज का धंधा करती…
  • इन संस्थाओं को सरकार ने यह व्यापार को करने के लिए लाइसेंस दे रखा है, लेकिन इन संस्थाओं से अलग कुछ ब्याज माफिया निजी रूप से भी छोटे स्तर पर ब्याज पर पैसे उधार देने…
  • सूत्र बताते हैं कि ये ब्याज माफिया मनमर्जी से लगाई हुई ब्याज दर से लोगों को ब्याज पर रुपए उधार देते हैं।
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सोनभद्र(अरविंद दुबे,गिरीश तिवारी)-:- वर्तमान परिवेश में खर्च अधिक और आय कम होने के कारण आम आदमी को किसी न किसी समय कर्ज लेना पड़ता है जिसे चुकाने में वह ब्याज के दलदल में फंसता ही चला जाता है और एक समय ऐसा आता है जब वह अपना सब कुछ दांव पर लगा देता है । सोनभद्र जनपद के विभिन्न नगरीय व ग्रामीण क्षेत्र में अनेक वित्तीय संस्थाएं लोगों को व्यापारिक तौर से कर्ज बांट रही हैं।यह वित्तीय संस्थाएं बैंक या कोई अन्य संस्था होती है, ये ब्याज का धंधा करती हैं, लोगों को कर्ज़ देती हैं और उस पर ब्याज के रूप में कोई राशि लेती हैं, जो उनकी कमाई होती है। इन संस्थाओं को सरकार ने यह व्यापार को करने के लिए लाइसेंस दे रखा है, लेकिन इन संस्थाओं से अलग कुछ ब्याज माफिया निजी रूप से भी छोटे स्तर पर ब्याज पर पैसे उधार देने जैसा काम करते हैं, इन लोगों के पास किसी भी सरकारी संस्था का कोई भी लाइसेंस नहीं होता है। सूत्र बताते हैं कि ये ब्याज माफिया मनमर्जी से लगाई हुई ब्याज दर से लोगों को ब्याज पर रुपए उधार देते हैं। इनका ब्याज एक चक्रव्यूह की भांति चलता है।कोई भी व्यक्ति इसमे फंसता ही चला जाता है, क्योंकि लोग प्रतिमाह ब्याज अदा कर देते हैं और मूलधन की राशि वहीं की वहीं रहती है। इस तरह से लोग ब्याज माफियाओं के फंदे में फंसते ही चले जाते हैं। कुछ मामले ऐसे भी देखने को मिलते हैं जहां ब्याज माफिया कर्ज की वसूली के लिए लोगों के साथ मारपीट तक कर देते हैं। उन लोगों के घर का सामान तक उठा ले जाते हैं, उनके घर आकर गाली-गलौज करते हैं।लोगों को यह लगता है कि वह किसी डिफॉल्ट में है और कर्ज की वसूली करने वाला इस तरह से सरेआम गालियां बकने का अधिकारी है और उसके साथ मारपीट करने का भी अधिकारी है वहीं इस व्यवसाय से जुड़े लोगों द्वारा पैसा उधार लेने वालों से कर्ज का दस गुना तक पैसा जबरन वसूला जाता है आर्थिक और मानसिक रूप से कर्जदार को प्रताड़ित किया जाता है।गौरतलब हो कि अभी कुछ महीने पूर्व 10 अगस्त 2024 को रावर्टसगंज कोतवाली अंतर्गत व्यवसाई दंपत्ति की हत्या भी ब्याज के पैसों को लेकर की गई थी जिसका पुलिस ने खुलासा करते हुए आरोपियों को जेल भेज दिया था व्यवसाई दंपत्ति हत्या में भी ब्याज पर पैसे लेनदेन की बात सामने आई थी । जनपद में अनाधिकृत रूप से ब्याज पर पैसे बांटने वालों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर जब पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा से बात की गई तो उन्होंने कहा की कर्ज देकर मनमानी तरीके से ब्याज वसूलना पूरी तरह गैरकानूनी है इस मामले में ऐसे लोगों को चिन्हित किया जाएगा और जल्द ही एक एडवाइजरी जारी की जाएगी ताकि ऐसे अनाधिकृत लेनदेन पर रोकथाम लगाई जा सके ।

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