सोनभद्र: एक झटके में बेरोजगार हुए हजारों मजदूरों और ठप पड़े क्रशर उद्योग को बचाने के लिए व्यापार मंडल ने खनन निदेशक से लगाई गुहार

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डाला/सोनभद्र(AKD/गिरीश तिवारी)- बिल्ली मारकुंडी खनन हादसे के 1 महीने बाद जनपद के दो दिवसीय दौरे पर आईं भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की निदेशक माला श्रीवास्तव से मुलाकात कर व्यापार मंडल अध्यक्ष मुकेश जैन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने बिल्ली मारकुंडी क्षेत्र की 37 बंद खदानों को सुरक्षा मानकों के साथ तत्काल प्रभाव से चालू करने की मांग वाला ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से अधिकारियों को वस्तु स्थिति से अवगत कराते हुए बताया गया कि बीते दिनों एक खदान में हुई दुर्घटना के बाद डीजीएमएस द्वारा बिना किसी विस्तृत जांच के समूचे क्षेत्र की खदानों और परिवहन पर रोक लगा दी गई है। इस फरमान का असर यह हुआ है कि अपनी गुणवत्ता के लिए मशहूर डाला स्टोन की आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह ध्वस्त हो गई है और इस व्यवसाय पर आधारित लगभग ढाई सौ क्रशर प्लांटों के चक्के जाम हो गए हैं। खदानों की बंदी ने न केवल दो हजार टिपर, पांच सौ कंप्रेसर और सैकड़ों पोकलेन मशीनों को कबाड़ में तब्दील होने पर मजबूर कर दिया है, बल्कि इससे जुड़े 10,000 दैनिक मजदूरों और उनके आश्रित 30,000 परिजनों के सामने भुखमरी की नौबत ला खड़ी की है। हालात इतने विकट हैं कि डाला, ओबरा और चोपन के बाजारों में चाय-पान, सैलून और छोटे दुकानदारों का धंधा भी मंदा पड़ गया है और अब रोजगार छिन जाने से मजदूरों का गैर-प्रांतों की ओर पलायन शुरू होने की आशंका गहरा गई है। व्यापार मंडल ने सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि पांच दशकों से स्थापित यह उद्योग हर महीने सरकारी खजाने में 13 करोड़ रुपये का राजस्व देता है, जो प्रदेश की एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य के लिए महत्वपूर्ण है; अतः जनहित और राजस्व हित में इसे पुनः शुरू किया जाना चाहिए। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में संजय मित्तल, सुधीर सिंह, रामू सिंह गोंड़ और संतोष शर्मा सहित अन्य व्यापारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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