सोनभद्र। म्योरपुर थाना क्षेत्र के किरवानी जंगल से इस वक्त की सबसे बड़ी और दर्दनाक खबर छुही मिट्टी निकालने गई गांव की महिलाओं पर काल बनकर टूटी जंगल की धरती अचानक मिट्टी धंसी और करीब छह महिलाएं जिंदा दफन हो गईं। इलाके में चीख-पुकार अफरा-तफरी और फिर शुरू हुआ जिंदगी बचाने का संघर्ष। प्रशासनिक अमला मौके पर जेसीबी से राहत-बचाव जारी हैं, अब तक तीन महिलाओं के शव बरामद एक की तलाश अभी भी जारी हैं जबकि दो महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। किरवानी जंगल में मातम पसरा है और हर चेहरा एक ही सवाल पूछ रहा है आखिर ये लापरवाही किसकी है? म्योरपुर थाना क्षेत्र के किरवानी जंगल का है जहां गांव की महिलाएं रमजान के महीने में घर की लिपाई- पुताई के लिए छुही मिट्टी निकालने गई थीं। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि जंगल की ये मिट्टी उनकी जिंदगी छीन लेगी। खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा और करीब छह महिलाएं उसके नीचे दब गईं। चीखें गूंजीं जंगल दहल उठा आस- पास मौजूद लोग दौड़े और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही एसडीएम, सीओ और पुलिस बल मौके पर पहुंचा जेसीबी मशीन लगाई गई और तेजी से राहत-बचाव शुरू हुआ। घंटों की मशक्कत के बाद तीन महिलाओं के शव मलबे से बाहर निकाले गए। एक महिला की तलाश अभी भी जारी है जबकि दो महिलाओं को समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया जिनकी सांसें अभी भी चल रही हैं, लेकिन हादसे की दहशत साफ दिखाई दे रही है। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है किरवानी जंगल आज गवाह बना है उस दर्द का जहां मिट्टी लेने गई महिलाएं खुद मिट्टी में समा गईं।

जाने क्या बोले एसपी
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा का कहना है कि म्योरपुर थाना क्षेत्र में एक गांव पड़ता है किरवानी वहां पर डायल 100 के माध्यम से सूचना मिली कि कुछ महिलाएं जंगल में मिट्टी लेने गई थी और अचानक मिट्टी का टीला धसने से सभी उसमें दब गई। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम, जिला प्रशासन मौके पर पहुंच गई और राहत बचाव कर जारी कर दिया। एसपी ने बताया मिट्टी लेने के लिए कुल पांच महिलाएं गई हुई थी जिसमें सभी को बचाने का प्रयास किया गया लेकिन तीन की मौत हो चुकी थी जबकि दो को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। सभी घायल को इलाज के लिए भर्ती कराया गया है जिन महिलाओं की मौत हो गई है उनके परिवार वालों को सूचित कर दिया गया है अब घटनास्थल पर कोई भी महिला दवी नहीं है। त्योहार के आसपास लोग अपने घरों को नई मिट्टी से उसकी पुताई करते हैं यह सभी महिलाएं मिट्टी लेने के लिए आई हुई थी। आगे से यह देखा जाएगा कि अगर इस प्रकार का कोई स्थल है तो फॉरेस्ट विभाग से बात करके उसको सूचित करने का प्रयास किया जाएगा।
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