20 घंटे में पांच जिंदगियां पानी में समाईं: सोनभद्र में मातम, दो शव बरामद, तीन की तलाश जारी

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AKD।गिरीश तिवारी

सोनभद्र। जिले में बीते 20 घंटे के भीतर डूबने की तीन अलग-अलग घटनाओं ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है। नदी, डैम और तालाब में हुए हादसों में कुल पांच लोग पानी में समा गए। रातभर चले राहत एवं खोज अभियान के बाद दो किशोरों के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि तीन अन्य की तलाश अभी भी जारी है। पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्थानीय गोताखोर लगातार खोज अभियान में जुटे हुए हैं।

पहली घटना कोन थाना क्षेत्र के हर्रा गांव की है, जहां 14 वर्षीय पवन कुमार और 13 वर्षीय कृष्णा निषाद सोन नदी में नहाने के दौरान गहरे पानी में डूब गए थे। सूचना मिलने के बाद पुलिस और स्थानीय गोताखोरों ने देर शाम तक तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। रातभर चले अभियान के बाद बुधवार सुबह एक किशोर का शव बरामद कर लिया गया, जबकि दूसरे की तलाश जारी है।दूसरी घटना शक्तिनगर थाना क्षेत्र के कोटा बस्ती की है। यहां पियूष सिंह और अंकित रिंहद डैम में नहाने गए थे। नहाते समय दोनों गहरे पानी में चले गए और डूब गए। मंगलवार शाम से शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन बुधवार सुबह फिर तेज किया गया। काफी मशक्कत के बाद एक किशोर का शव बरामद हुआ, जबकि दूसरे की तलाश के लिए पुलिस और गोताखोर लगातार प्रयास कर रहे हैं। रिंहद डैम की अधिक गहराई और विशाल जलक्षेत्र राहत कार्य में बड़ी चुनौती बना हुआ है।इसी बीच तीसरी घटना राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के सोनभद्र नगर स्थित रामसरोवर तालाब में सामने आई, जहां विमलेश कुमार नामक युवक तालाब में मछली पकड़ने के दौरान पानी में उतर गए और अचानक गहरे हिस्से में चले जाने से डूब गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और फायर ब्रिगेड तथा स्थानीय गोताखोरों की मदद से खोज अभियान शुरू कराया। देर शाम तक युवक का कोई सुराग नहीं लग सका। तालाब किनारे मौजूद पत्नी, तीन बेटियां और दो बेटों का रो-रोकर बुरा हाल है और परिजन किसी चमत्कार की उम्मीद लगाए बैठे हैं।घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने हादसे को बेहद दुखद बताते हुए राहत एवं बचाव व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि घटना के कई घंटे बाद तक कोई प्रशिक्षित गोताखोर मौके पर नहीं पहुंच सका, जिससे प्रशासन की तैयारी पर गंभीर प्रश्न उठते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तालाब और अन्य जलाशयों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं और लोगों को सतर्क करने के लिए भी प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई है। पूर्व विधायक ने बताया कि उन्होंने क्षेत्राधिकारी को मामले की जानकारी देकर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।फिलहाल जिले के तीन अलग-अलग जलाशयों पर बचाव और खोज अभियान लगातार जारी है। दो किशोरों के शव बरामद होने के बाद पुलिस ने उन्हें कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जबकि तीन लोगों की तलाश जारी है। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने एक बार फिर नदियों, डैमों और तालाबों में बिना सुरक्षा उपायों के नहाने तथा पानी में उतरने के खतरों को उजागर कर दिया है। पूरे जिले में शोक और चिंता का माहौल बना हुआ है।

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