सोनभद्र। झारखंड से आने वाले कोयला लदे वाहनों से परिवहन शुल्क वसूली को लेकर चल रहे विवाद पर जिला पंचायत ने अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है। जिला पंचायत ने उर्जांचल ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन की शिकायत को निराधार बताते हुए कहा है कि परिवहन शुल्क की वसूली शासन की उपविधियों के अनुसार की जा रही है।अपर मुख्य अधिकारी राजेश कुमार चौधरी ने बताया कि एसोसिएशन की शिकायत मिलने के बाद संबंधित ठेकेदार से स्पष्टीकरण मांगा गया था। ठेकेदार ने अपने जवाब में बताया कि झारखंड की खदानों से रेल मार्ग के जरिए कृष्णशिला रेलवे साइडिंग तक आने के बाद कोयले का परिवहन ओबड़ी-शक्तिनगर राज्य मार्ग, एनएच-39 तथा अन्य अधिसूचित मार्गों से होकर हिंडालको की रेणुसागर परियोजना तक किया जाता है। इसलिए इन वाहनों से परिवहन शुल्क की वसूली पूरी तरह वैधानिक है।जिला पंचायत ने उत्तर प्रदेश शासन की जिला पंचायत सोनभद्र उपविधि-2023 का हवाला देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से निकलने वाले खनिजों के परिवहन और व्यवसायिक उपयोग में आने वाले वाहनों से परिवहन शुल्क वसूलने का स्पष्ट प्रावधान है। इसी आधार पर संबंधित ठेकेदार को शुल्क वसूली का अधिकार दिया गया है।अपर मुख्य अधिकारी ने बताया कि ठेकेदार के स्पष्टीकरण और संबंधित उपविधियों की जांच के बाद शिकायत में लगाए गए आरोप सही नहीं पाए गए। इसलिए शिकायत को निराधार मानते हुए परिवहन शुल्क की वसूली नियमानुसार जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।उल्लेखनीय है कि इससे पहले उर्जांचल ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन ने जिलाधिकारी से शिकायत कर आरोप लगाया था कि कोयला लदे वाहनों से नियमों के विपरीत परिवहन शुल्क वसूला जा रहा है। हालांकि जिला पंचायत ने अब इस वसूली को पूरी तरह नियमसम्मत बताया है।
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