असुरक्षित बंद पड़ी पत्थर खदानों में मौतों का सिलसिला आखिर कब तक..?

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डाला/ओबरा(अरविंद,गिरीश तिवारी) –बिल्ली खनन क्षेत्र में काफी समय से कई पत्थर खदानें बंद पड़ी हैं, लेकिन यहां सुरक्षा के इंतजाम न होने के कारण दर्जनों हादसे अभी तक हो चुके हैं हादसों के बावजूद यहां किसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था का कोई ख्याल नहीं रखा गया है सरकार भले ही आम जनमानस की सुरक्षा के लिए संवेदनशील हो पर सोनभद्र जनपद का बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र अपनी असावधानीयों व असुरक्षा के बीच दुर्दशा को लेकर हमेशा सुर्खियों में बना रहता है जिसके चलते आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं मामला अभी सोमवार का ही था जिसमें एक 7 वर्षीय आसिफ की डूबने से मौत हो गई इसके पूर्व सितंबर महीने में भी बंद पड़ी खदान में अज्ञात शव मिला था ऐसी दर्जनों घटनाएं हो चुकी हैं जिसमें लोगों ने अपनी जान गंवाई है अब बंद पड़ी पत्थर खदानों का मामला तूल पकड़ रहा है जिसे खुला छोड़ दिया गया है इन पत्थर खदानों में पानी लबालब भरा हुआ है लोहे की तार से घेराबंदी तक नहीं की गई है यह पत्थर खदाने लागों की जान की दुश्मन बनी हुई हैं वर्षों से पत्थर खदाने बंद पड़ी हुई हैं इसके पूर्व खदान से पत्थर का उत्खनन होता था घटनाओं के बाद खूब हाय-तौबा होती है फिर मामले को अलग रूप देकर उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है कई बार हो चुकी दुर्घटनाओं के बावजूद इन बंद पड़े खदानों में सुरक्षा व्यवस्था का किसी तरह का कोई ख्याल नहीं रखा जा रहा है इस मामले को लेकर भाजपा नेता महेश सोनी ने बातचीत के दौरान कहा है कि बंद पड़ी खदानों में सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत है समय रहते खदान के चारों ओर तार से घेराबंदी कर दी जाए तो अंजाने में इंसान या बेजुबान की खदान में डूबने से मौत नहीं होगी ।

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