(आचार्य प्रशांत मिश्र)
महाशिवरात्रि महापर्व का त्यौहार इस बार एक साथ कई शुभ योग के बीच में मनाया जा रहा है। आचार्य प्रशान्त मिश्र ने बताया कि इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग समेत 4 शुभ एक साथ बन रहे हैं और इस दिन की पूजा बहुत ही शुभ फल प्रदान करने वाली है। इस दिन व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा करने से आपको सभी सुखों की प्राप्ति होती हैं। आपके जीवन से कष्ट और समस्याएं दूर होती हैं और शिव कृपा से सभी इच्छित कार्य पूर्ण होते हैं। आइए जानते हैं शिवरात्रि पर कौन-कौन से शुभ योग बनें हैं। और इनका क्या महत्व है साथ ही यह भी जानिए इस दिन क्या करें ? पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव और माता पार्वती की वैवाहिक उत्सव के रूप में मनाया जाता है। शिवपुराण में बताया गया है कि जो लोग विवाहित हैं उन्हें अपने जीवनसाथी के साथ इस दिन पूरे विधि विधान से शिवरात्रि की पूजा करनी चाहिए। आइए आपको बताते हैं कि इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग के अलावा कौन-कौन से शुभ मुहूर्त बने हैं और इनका क्या महत्व है। साथ ही यह भी जानिए इस दिन क्या करे और क्या न करें।

सर्वार्थ सिद्धि योग में महाशिवरात्रि जैसे महापर्व का होना शिवजी की विशेष कृपा देने वाला माना जा रहा है। सर्वार्थ सिद्धि योग में महाशिवरात्रि का व्रत करने और पूजा करने से आपको हर कार्य में मनचाही सफलता प्राप्त होगी और आपके काम बिना किसी बाधा के पूर्ण होंगे। आपके शिवजी की कृपा से सभी रुके कार्य पूर्ण होंगे और कारोबार में सफलता प्राप्त होगी। इसके अलावा खास बात यह है कि सर्वार्थ सिद्धि योग शुक्रवार को होने से इसका शुभ प्रभाव और भी बढ़ जाता है। इस साल शिवरात्रि आपके भौतिक सुखों में वृद्धि करने वाली मानी जाती है। महाशिवरात्रि पर शिव योग का संयोग भी बना है। शिव योग साधना, मंत्र, जप और तप के लिए बहुत ही अच्छा होता है। इस योग में महाशिवरात्रि का व्रत रखने से भगवान शिव तक आपकी प्रार्थना शीघ्र ही पहुंच जाती है। महाशिवरात्रि के दिन शुभ योग होने से आपकी साधना पूर्ण होती है और आपको भगवान शिव का आशीर्वाद मिलता है। महाशिवरात्रि पर निशीत काल की पूजा के वक्त सिद्धि योग होगा और इस काल में शिव साधना का संपूर्ण फल आपको प्राप्त होता है। इस योग में शिव पूजा के लिए किए जाने वाले सभी उपाय बहुत ही असरदार माने जाते हैं और भोले बाबा बहुत जल्द आपसे प्रसन्न होकर आपकी सभी मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण करतें हैं। आपके सुख में वृद्धि होती है और सभी कार्य सरलता से पूर्ण हो जाते हैं। महाशिवरात्रि पर श्रवण नक्षत्र के होने यह दिन और भी शुभफलदायी बन गया है। श्रवण नक्षत्र के स्वामी शनिदेव माने जाते हैं जो कि शिवजी के परम भक्त हैं। इसलिए महाशिवरात्रि के दिन श्रवण नक्षत्र होने से यह व्रत और भी परम् फलदायी हो गया है। श्रवण नक्षत्र में शिव पूजा करने से आपको शिवजी की कृपा का लाभ बहुत ही जल्द देखने को मिलता है।

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