घर-घर सर्वे, लाभार्थी सत्यापन और साप्ताहिक समीक्षा अनिवार्य – सीडीओ

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सोनभद्र। नीति आयोग द्वारा संचालित आकांक्षी जिला एवं आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के अंतर्गत जनवरी से अप्रैल 2026 तक चलाए जा रहे सम्पूर्णता अभियान 2.0 को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए सोनभद्र जिला प्रशासन ने तैयारियाँ तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी की अध्यक्षता में स्वास्थ्य, आईसीडीएस, पशुपालन, पंचायती राज, शिक्षा सहित सभी प्रमुख विभागों के जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि अभियान का मूल उद्देश्य स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा एवं कृषि से जुड़े चयनित संकेतकों पर मिशन मोड में कार्य करते हुए अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं की शत-प्रतिशत पहुँच सुनिश्चित करना है।

बैठक में जनपद सोनभद्र के लिए निर्धारित प्रमुख सूचकों पर विशेष फोकस किया गया, जिनमें जन्म के समय शिशुओं का वजन दर्ज किए जाने का अनुपात, टीबी केस नोटिफिकेशन दर (सरकारी एवं निजी संस्थानों से), प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र व शहरी पीएचसी पर माह में कम से कम एक वीएचएनएसडी/यूएचएनडी का आयोजन, टीकाकरण किए गए पशुओं का प्रतिशत तथा कार्यशील बालिका शौचालय वाले विद्यालयों का प्रतिशत शामिल हैं। इन सभी सूचकों को अप्रैल 2026 तक शत-प्रतिशत संतृप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह आकांक्षी विकासखंड चतरा में भी विशेष रणनीति के तहत कार्य किया जाएगा। यहां 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों का आईसीडीएस अनुपूरक पोषण कवरेज, आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की लंबाई व वजन मापन दक्षता, कार्यशील शौचालय युक्त आंगनवाड़ी केंद्रों का प्रतिशत, पेयजल सुविधा वाले आंगनवाड़ी केंद्रों का प्रतिशत, पर्याप्त संख्या में बालिका शौचालय सुविधा वाले विद्यालयों का प्रतिशत तथा एफएमडी के अंतर्गत गोवंश/पशुओं के टीकाकरण प्रतिशत जैसे सूचकों पर गहन निगरानी रखी जाएगी। सीडीओ जागृति अवस्थी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए घर-घर सर्वे, लाभार्थी सत्यापन, डेटा का समय से पोर्टलों पर अपलोड तथा साप्ताहिक समीक्षा को अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि सम्पूर्णता अभियान 2.0 केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा विकास आंदोलन है, जिसे सफल बनाने में ग्राम प्रधान, स्वयं सहायता समूह, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा, एएनएम, शिक्षक और पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि 27 जनवरी से 14 अप्रैल 2026 तक चलने वाले विशेष अभियान दिवसों के माध्यम से स्वास्थ्य, पोषण, टीबी उन्मूलन, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, स्वच्छता और पेयजल से जुड़े जन-जागरूकता कार्यक्रम, शिविर, रैलियाँ, गोदभराई, मेगा हेल्थ एवं न्यूट्रिशन डे जैसे आयोजन किए जाएंगे, ताकि हर पात्र लाभार्थी को समय पर योजना का लाभ मिल सके। अंत में उन्होंने सभी अधिकारियों से आह्वान किया कि सोनभद्र को विकास के मानकों पर अग्रणी पंक्ति में लाने हेतु प्रत्येक स्तर पर व्यक्तिगत जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।

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