सोनभद्र के कोन ब्लॉक में प्रस्तावित परियोजना और जंगलों की कटाई के विरोध में ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में फलदार पौधों का वितरण भी किया गया और जल, जंगल, जमीन बचाने का संकल्प लिया गया। कोन ब्लॉक के चकरिया ग्राम पंचायत में “पेड़ हैं तो प्राण हैं” अभियान के तहत सैकड़ों फलदार पौधों का वितरण किया गया। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा को लेकर प्रदर्शन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संदीप मिश्रा ने कहा कि आदिवासी परिवार सम्मान और आस्था के केंद्र हैं, उनका किसी भी कीमत पर विस्थापन स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित औद्योगिक परियोजनाओं के लिए आदिवासी क्षेत्रों को उजाड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

उनका कहना था कि यदि विकास करना है तो ऐसी जगहों का चयन किया जाए, जहां लोगों को विस्थापित न होना पड़े और जंगलों की कटाई भी न हो। अभियान के जिला संयोजक रामसुरत सिंह खरवार ने भी जंगलों की रक्षा का संकल्प दोहराते हुए कहा कि क्षेत्र के औषधीय और प्राकृतिक वन किसी भी कीमत पर नहीं कटने दिए जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि इन जंगलों ने कोरोना काल में भी लोगों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस कार्यक्रम में राजू पासवान, जोगेंद्र यादव, राम बहाल खरवार, विंदू अगरिया, गुलाब चेरो, मुनिया खरवार, प्रमिला खरवार, शत्रुधन बिंद, आकाश चौहान, दिनेश चेरो, सुरेश मौर्य समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

Author Profile

Latest entries
Breaking_NewsJuly 15, 2026जंगलों की कटाई के विरोध में ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन
Breaking_NewsJuly 9, 2026सड़क पर दौड़ी मौत, बाइक व ट्रक की भीषण टक्कर
लोकप्रियJuly 9, 2026शिकायतों के निस्तारण में न तो लापरवाही चलेगी और न ही अनावश्यक देरी
Breaking_NewsJuly 9, 2026सत्ता की रैली में कानून बेबस! कार्रवाई छोड़ बाइक रैली को आगे बढ़ाने में जुटी रही पुलिस
