डीह बाबा मंदिर की जमीन को लेकर ओबरा में दो पक्षों में तनाव, पुलिस ने संभाली स्थिति, दर्जन भर लोगों का चालान

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ओबरा(AKD/गिरीश तिवारी)-सोनभद्र में जमीन विवाद और अवैध कब्जे को लेकर तनाव की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। दुद्धी के बाद अब ओबरा क्षेत्र में भी ऐसा ही मामला सामने आया, जहां जमीन के स्वामित्व को लेकर दो समुदाय आमने-सामने आ गए। विवाद डीह बाबा मंदिर के पास स्थित भूमि से जुड़ा है, जिसने देखते-ही-देखते शांति भंग की स्थिति पैदा कर दी।मामला ओबरा कोतवाली क्षेत्र के ओबरा नगर पंचायत अंतर्गत भलुआ टोला, पानी टंकी के पास स्थित डीह बाबा मंदिर के समीप का है। यहां प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण शुरू किए जाने पर स्थानीय आदिवासी समुदाय ने आपत्ति जताई। आदिवासियों का कहना है कि यह भूमि डीह बाबा की परंपरागत पूजा स्थल है, जहां वे वर्षों से पूजा-पाठ करते आ रहे हैं।

उनका दावा है कि इस जमीन पर उन्हें वन अधिकार अधिनियम के तहत पट्टा भी मिला है, इसके बावजूद कब्जे का प्रयास किया जा रहा था, जिसका उन्होंने विरोध किया।वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि उनकी बेटी निर्धन है, जिसकी शादी ओबरा में हुई है और उसे प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास स्वीकृत हुआ था। उसी स्वीकृति के आधार पर मकान निर्माण कराया जा रहा था, जिसे आदिवासी समुदाय के विरोध के चलते रुकवा दिया गया।विवाद बढ़ने की सूचना डायल 112 के माध्यम से पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंचीं ओबरा करमा चौकी इंचार्ज विष्णु प्रभा सिंह ने पुलिस बल के साथ स्थिति को नियंत्रण में लिया। दोनों पक्षों के लोगों को हिरासत में लेकर कोतवाली लाया गया। हालात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शांति भंग और बलवा की धाराओं में दर्जन भर से अधिक लोगों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की।इधर घटना की जानकारी मिलते ही हिंदूवादी संगठनों और भाजपा से जुड़े कुछ कार्यकर्ता भी ओबरा कोतवाली पहुंच गए, जिससे माहौल कुछ देर के लिए और संवेदनशील हो गया। हालांकि पुलिस की सतर्कता के चलते किसी बड़ी घटना से पहले ही हालात काबू में कर लिए गए।राजस्व विभाग का कहना है कि विवादित भूमि अभिलेखों में आबादी के नाम पर दर्ज है और फिलहाल वहां किसी का वैध कब्जा नहीं है। जांच के बाद ही विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने साफ किया है कि बिना जांच के किसी को भी जमीन पर कब्जा नहीं करने दिया जाएगा।फिलहाल क्षेत्र में शांति बनी हुई है, लेकिन पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हैं। दुद्धी के बाद ओबरा में सामने आया यह मामला एक बार फिर जनपद सोनभद्र में जमीन विवाद और अवैध कब्जों को लेकर बढ़ते तनाव की गंभीर तस्वीर पेश करता है।

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