डाला।सोनभद्र(AKD।गिरीश तिवारी)ओबरा तहसील के बिल्ली मारकुण्डी क्षेत्र में संचालित खनन गतिविधियां एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। क्षेत्र में कई खदानों की गहराई 200 से 280 फीट अथवा उससे अधिक तक पहुंच चुकी है, जहां से बड़े पैमाने पर पानी की निकासी किए जाने को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर चिंता जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि खदानों में जमा हो रहे पानी को भारी क्षमता वाले पंपों और पाइपलाइनों के माध्यम से सैकड़ों मीटर दूर तक बाहर निकाला जा रहा है, जिससे क्षेत्र के जल संसाधनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार यदि खदानों में जमा पानी वर्षा जल है तो उसके संरक्षण और भूजल पुनर्भरण की प्रभावी व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है। वहीं यदि यह भूगर्भीय जल है तो उसकी लगातार निकासी क्षेत्र के जलस्तर को प्रभावित कर सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर गांवों में गर्मी के मौसम में पेयजल संकट गहराता जा रहा है, दूसरी ओर खदानों से बड़े पैमाने पर पानी बाहर निकाले जाने की तस्वीरें चिंता बढ़ाने वाली हैं।क्षेत्रवासियों का कहना है कि कुछ वर्षों पहले तक जहां 40 से 60 फीट की गहराई पर आसानी से पानी उपलब्ध हो जाता था, वहीं अब 300 से 600 फीट तक बोरिंग कराने के बाद भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।

कई स्थानों पर गर्मी के दिनों में बोरिंग पूरी तरह जवाब दे देते हैं। लोगों का मानना है कि गहरे खनन और लगातार जल निकासी ने प्राकृतिक जल संतुलन को प्रभावित किया है।ग्रामीणों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों ने सवाल उठाया है कि खदानों में हो रही जल निकासी के लिए आवश्यक स्वीकृतियां, भूजल संबंधी अनुमति तथा पर्यावरणीय मानकों का पालन किस स्तर तक सुनिश्चित किया जा रहा है। उनका कहना है कि भूजल संरक्षण से जुड़े नियमों का कड़ाई से पालन होना चाहिए और पूरे मामले की पारदर्शी जांच आवश्यक है।स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी, खनन विभाग, भूजल विभाग तथा खान सुरक्षा निदेशालय से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

साथ ही ऐसी सभी खदानों का सर्वे कर जल निकासी की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने तथा भूजल संरक्षण के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की अपील की है।ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस विषय पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले वर्षों में क्षेत्र को बड़े जल संकट, पेयजल समस्या और कृषि क्षेत्र पर व्यापक प्रभाव का सामना करना पड़ सकता है। जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा को लेकर अब क्षेत्र में आवाजें लगातार मुखर होती जा रही हैं।
Author Profile

Latest entries
सम्पादकीयJune 11, 2026बलिया से रायपुर जा रहे परिवार की कार टैंकर में घुसी, महिला की मौत, 5 घायल
Breaking_NewsJune 11, 2026सोनभद्र में खदानों से पानी की निकासी बनी बड़ा सवाल! सूख रहा है क्षेत्र का भूजल भंडार
सम्पादकीयJune 11, 2026सोनभद्र में खदानों से पानी की निकासी बनी बड़ा सवाल! सूख रहा है क्षेत्र का भूजल भंडार
Breaking_NewsJune 10, 2026दो बहनों के विवाद के बाद किशोरी ने उठाया आत्मघाती कदम, परिवार में मचा कोहराम
