डाला/सोनभद्र (मनीष कुमार )-जनपद सोनभद्र का ऐसा गांव जहां पानी के प्रदूषित होने के कारण लोग अपंग हो जाया करते है। और बहुत सारे लोग अपंग हो भी चुके है। सरकार की योजना लागू तो हुई परन्तु 8 वर्ष बीतने व करोड़ों खर्च बाद भी सुविधा ग्रामीणों तक नही पहुंच सकी। और सरकार के रहनुमा ताली बजाने से बाज नही आ आये ।
ग्रामीणों के प्रदूषित पानी की समस्या को देखते हुए पूर्व सरकार की योजनाओं में एक नाम राष्ट्रीय ग्रामीण पेय जल मिशन अंतर्गत पडरक्ष (गुणता प्रमाणित) ग्राम समूह पेय जल योजना का भी आता है जिसका शिलान्यास 31 मार्च 2015 को अनुमानित लागत 68 करोड़ से निर्माण खण्ड- उत्तर प्रदेश जल निगम , सोनभद्र द्वारा हुआ। ग्राम पंचायत पडरक्ष का एक टोला जहां घर-घर के लोग फ्लोराइड के मरिज हैं पानी की कमी की वजह से दांत पिले पड़ जाना, हाथ पैर टेढ़े मेढ़े हो जाना , सही से बैठने व चलने में कठिनाई होना या यु कहिए ही जीना दुस्वार कर दिया फ्लोराइड युक्त पानी ने।जैसे ही जल योजना की सूचना आग की तरह फैली गांव में खुशियों का ठिकाना नही रहा। गांव प्रफुल्लित हो गया मानो आसमान से स्वयं इंद्र भगवान पधार रहे हों। और योजना बन कर तैयार हुआ । गांव में पानी के लिए पाइप लगा दिए गए घर-घर नल की टोटी भी लग गई। परन्तु पानी की समस्या समाप्त नही हुई। सरकारी मोहकमे ने स्थानीयों को सुध पानी देने के बजाय अपना पॉकिट भरना लाजमी समझा।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अमरेश यादव ने बताया कि गांव के बहुत से टोले है जहां अभी तक 8 वर्ष बीतने के बाद भी पानी तो दूर की बात रही पाइप व नल की टोटी तक नही लगी। 68 करोड़ की लागत पानी के लिए और पानी मे बह गया। गांव नजदीक पहाड़ी पर एक पानी सप्लाई के लिए पानी टंकी की लगा वह भी पानी भरने के बाद चारो दिशाओं में छेद व टंकी की दीवाल फटने की वजह से चुने लगता है तथा पानी जल्द ही बाहर निकल जाता है।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अमरेश यादव ने मांग भी किया है कि जिस तरह से अन्य गांवों में हर घर नल जल योजना के तहत घर घर तक शुद्ध पानी पहुंचाने का काम किया जा रहा है वैसे ही ग्राम सभा पड़रछ में भी इस योजना का लाभ मिलना चाहिए।वहीं ग्रामीण हरिओम ने बताया कि पानी की समस्या बहुत जटिल होती जा रही हैं नियमित पानी का सप्लाई नहीं हो रहा हैं।वहीं एक और ग्रामीण ने भी बताया कि हमारा टोले में भी पानी नहीं आता है कभी आया तो ठीक नहीं तो हफ्तों हफ्तों बाद ही पानी फिर आता हैं।इस मौके पर दर्जनों ग्रामीणों ने पानी टंकी के पास एकत्रित होकर विरोध दर्ज जताया ।
ग्रामीण शैलेश कुमार शर्मा ने बताया कि हमारे घर के पास नल की टोटी तो लगी लेकिन पानी नही मिल रहा। गांव में प्रदूषित पानी की वजह से फ्लोराइड की बीमारी के बाद हम सभी भी डरने लगे है। इतनी बड़ी समस्यता के बाद भी जेई धर्मेन्द्र यादव हम ग्रामीणों का नही सुनते। ज्यादा तर तो बिजली नही है का बहाना बना कर की बिजली नही है पानी कैसे चालू होगा। जबकि यहां बड़े पावर का जनरेटर भी कगया गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि जैसे हम सभी प्रदूषित पानी पी कर जीवन यापन कर रहे है। जेई धर्मेन्द्र यादव भी हम सभी के साथ रहे। ग्रामीणों द्वारा रहने व खाने की सुविधा भी गांव द्वारा दिया जाएगा। जिससे अधिकारी को खुद 30 दिन में पता चल जाएगा कि गाँव मे प्रदूषित पानी पीकर कैसे जिते है लोग।
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