सोनभद्र। सूबे में धान खरीद को लेकर सरकार काफी गंभीर दिखाई दे रही है जिसको देखते हुए सोनभद्र जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह द्वारा भी पर्याप्त संख्या में ध्यान क्रय केंद्र जिले के विभिन्न स्थानों पर खोले गए हैं और पारदर्शिता के साथ धान खरीद करने का निर्देश भी संबंधित विभाग को दिया गया है। जिलाधिकारी व सरकार के मंसूबे पर पानी फेरते हुए धान खरीद करने वाले अधिकारियों द्वारा नियमों को ताख पर रखकर धान खरीद करने का मामला प्रकाश में आया है। सूत्रों की माने तो धान खरीद करने वाले अधिकारियों द्वारा बगैर नापतोल के ही धान की खरीद कर ली जा रही है। इसका खुलासा तब हुआ जब राबर्ट्सगंज नगर स्थित सब्जी मंडी परिसर में स्थित द्वितीय यार्ड धान क्रय केंद्र पर अचानक टीम द्वारा रियलिटी चेक किया गया तो पाया गया कि मौके पर ट्रैक्टर ट्राली से धान तो उतारा जा रहा था लेकिन कहीं पर न तो चलना लगाकर चाला जा रहा था और न ही किसी प्रकार की कोई तौल ही की जा रही थी, बल्कि एक कमरे में उसे रख दिया जा रहा था। इस संबंध में जब किसान से बात किया गया तो किसान ने कहा कि हम तो अपना धान लेकर आए हैं लेकिन यहां पर तौल नहीं की जा रहा है तो उसमें हम क्या करें, हमें तो पैसे से मतलब है समय से पैसा आ जाना चाहिए। इस संबंध में जब वहां पर मौजूद अधिकारी से प्रतिक्रिया ली गई तो उनका कहना था की मानवता भी कुछ होती है जिसे देखते हुए बगैर तौल के ही किसान का धान ले लिया गया।

यहां हो रही थी धान खरीद में यह खेल
सोनभद्र। धान खरीद को लेकर तमाम प्रकार की सूचनाए आती रहती है जिसे देखते हुए जब आज मीडिया कर्मियों द्वारा रियलिटी चेक किया गया तो ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया कि सबके होश उड़ गए। राबर्ट्सगंज नगर स्थित सब्जी मंडी परिसर में विभाग द्वारा केंद्र खोला गया है जहां पर किसान अपना धान बेच सकें और वहां पर द्वितीय यार्ड धान क्रय केंद्र पर धान की खरीद की जा रही थी। आज एक किसान का धान ट्रैक्टर ट्राली से उतारा जा रहा था, वहां पर न तो धान को चालने के लिए कहीं पर चलना लगा था और न ही उसकी कहीं पर तौल की जा रही थी। बल्कि उसे सीधे ट्राली से उतार कर कमरे में रख दिया जा रहा था। इस संबंध में जब उप जिलाधिकारी सदर से बात किया गया तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मंडी सचिव को मौके पर भेजा, लेकिन तब तक ट्रैक्टर धान उतार कर जा चुका था। इस संबंध में मंडी सचिव ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी यथा स्थिति एसडीएम साहब को अवगत दिया जाएगा। देखा जाए तो सरकार भले ही पूरी तरीके से पारदर्शिता लाने का प्रयास कर रही हो लेकिन अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा सरकार के ही नियमों को ताख पर रख कर काम किया जा रहा है।

सरकार ने जारी किया है यह नियम
सोनभद्र। सूबे की सरकार द्वारा किसानों हित को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द धान खरीद का पैसा उनके खाते में भेजने के साथ ही अन्य निर्देश भी जारी किया गया है। जिसमे जो भी किसान केंद्र पर धान बेचने आएंगे उनके ठहरने के लिए उत्तम व्यवस्था, ठंड को देखते हुए अलाव की व्यवस्था की जानी चाहिए लेकिन ऐसा कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा है। यहां तक की सरकार का निर्देश है कि किसानों से जो भी धान लिया जाए उसे चलने में चालने के साथ ही उनके धान की तौल भी नियमित रूप से की जाए लेकिन जनपद सोनभद्र के मंडी परिसर में हो रही धान खरीद में ऐसा मामला सामने आया कि सबके होश उड़ गए। यहां तो धान को चालना तो दूर उसकी तौल भी नहीं की जा रही थी। बड़ा सवाल यह उठता है की जब धान की तौल नहीं कराई जा रही तो उसका भुगतान किस आधार पर होगा साथ ही धान की गुणवत्ता कैसी होगी जब चालना तो दूर बोरे को खोल कर देखने की भी जहमत कोई नहीं उठा रहा अब अगर इस पूरी पहेली को समझें तो कहीं न कहीं बड़ी लापरवाही या नियमों की अनदेखी समझ में साफ तौर पर जरूर आ रही इसके पीछे क्या उद्देश्य है यह तो जांच के बाद ही पता चल सकेगा।

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