सोनभद्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाल तस्वीर एक बार फिर सामने आई है। चोपन ब्लॉक में प्रसूता को वक्त पर अस्पताल की सुविधा नहीं मिली और मजबूरन बोलेरो वाहन में ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। परिजनों का आरोप है कि एम्बुलेंस गांव तक पहुंचती ही नहीं। ऐसे में सवाल खड़े होते हैं कि क्या वाकई स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर सरकार के वादे सिर्फ दिखावा बनकर रह गए हैं। कमसे कम जनपद सोनभद्र में हाल के दिनों में हुए मामलों को देखें तो कुछ ऐसा ही यहां होता दिख रहा। चोपन ब्लॉक के राजकीय महाविद्यालय के पास उस वक्त हड़कंप मच गया। जब प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला को बोलेरो वाहन में ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। आशा कार्यकर्ता की मौजूदगी में जच्चा-बच्चा दोनों तो स्वस्थ हैं। लेकिन इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की पोल खोल दी है। परिजनों का आरोप है कि ख़राब सड़क का बहाना बनाकर एम्बुलेंस गांव तक नहीं आती और मजबूर होकर ग्रामीण निजी वाहनों का सहारा लेते हैं। हाल ही में खुले आसमान के नीचे भी महिला का प्रसव हुआ था। ऐसे में सवाल उठना लाज़मी है कि आखिर कब सुधरेगी जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था।
Author Profile

Latest entries
सम्पादकीयAugust 11, 2026डाला में घर के सामने से चोरी हुई बाइक बरामद, छत्तीसगढ़ का युवक गिरफ्तार
सम्पादकीयAugust 11, 2026गैंगस्टर एक्ट के आरोपी के घर चस्पा किया न्यायालय का नोटिस
सम्पादकीयAugust 11, 2026अखंड भारत संकल्प दिवस को न्याय पंचायत स्तर पर मनाने का आह्वान
सम्पादकीयAugust 10, 2026गैंगस्टर एक्ट के दो आरोपितों के घर कोन पुलिस ने चस्पा किया नोटिस
