सोनभद्र। जिले में आज खाद की किल्लत कम होने का नाम नहीं ले रही है। जिसको लेकर रोज किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला घोरावल तहसील क्षेत्र के शाहगंज सरकारी समिति पर देखने को मिला। जहां वर्तमान विधायक अनिल कुमार मौर्य के द्वारा मीडिया में दिए गए इंटरव्यू के बाद आज हजारों किसान सरकारी समिति पर पहुंच गए और खाद की मांग करने लगे, खाद न मिलने के बाद किसान वहीं धरने पर बैठ गए। जिसकी सूचना पर पहुंचे पूर्व विधायक रमेश चंद दुबे भी किसानों के साथ धरने पर बैठ गए। किसानों ने वर्तमान विधायक अनिल कुमार मौर्य के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए जिला प्रशासन को जमकर कोसा। आपको बता दें कि घोरावल इलाका धान उत्पादन के लिए जाना जाता है। लिहाजा यहां सामान्य ब्लॉकों की अपेक्षा खाद की मांग ज्यादा रहती है। लेकिन हाल के दिनों में खाद की कमी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस बीच दिलचस्प बात ये है कि मौजूदा भाजपा विधायक अनिल मौर्या हाल ही में यह दावा कर चुके थे कि क्षेत्र में खाद की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। मगर ज़मीनी हकीकत सामने आने पर किसानों का गुस्सा भड़क गया और आज हजारों ग्रामीण प्रदर्शन पर बैठ गए। हालात को काबू में करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। वहीं पहुंचे एसडीएम घोरावल ने किसानों को आश्वासन दिया जिसके बाद प्रदर्शन खत्म हुआ।

लेकिन पूर्व विधायक रमेश चंद दुबे ने मौजूदा सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। धान के सीजन में खाद की किल्लत किसानों के लिए किसी संकट से कम नहीं। और यही संकट सोनभद्र के घोरावल तहसील क्षेत्र में साफ दिखा। जब हजारों किसान खाद वितरण केंद्र पर पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। किसानों का आरोप है कि खाद की उपलब्धता बेहद कम है जबकि धान की खेती के लिहाज से घोरावल तहसील सबसे अहम मानी जाती है। यहां सामान्य ब्लॉक की अपेक्षा अधिक खाद की ज़रूरत पड़ती है, लेकिन आपूर्ति पर्याप्त नहीं हो पा रही। किसानों के इस आंदोलन का नेतृत्व सपा के पूर्व विधायक रमेश चंद दुबे ने किया। उन्होंने सीधे तौर पर मौजूदा सरकार को घेरते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। पूर्व विधायक रमेश चंद दुबे ने बताया कि कुछ ही दिन पहले क्षेत्र के मौजूदा भाजपा विधायक अनिल मौर्या ने दावा किया था कि खाद का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। मगर हकीकत यह रही कि ज़मीन पर हालात बिलकुल उलटे दिखे। गुस्से में आए किसानों को काबू में करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। एसडीएम घोरावल ने पहुंचकर किसानों को खाद उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। आश्वासन के बाद किसानों ने प्रदर्शन खत्म तो कर दिया। लेकिन इस मसले पर राजनीति गरमा गई है। पूर्व विधायक रमेश चंद दुबे का कहना है कि मौजूदा सरकार सिर्फ कागज़ों में दावे कर रही है, जबकि हक़ीक़त में किसान खाद के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
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