दुद्धी/सोनभद्र(रवि सिंह)-स्थानीय तहसील परिसर में आयोजित आठ दिवसीय रासलीला महोत्सव का बृहस्पतिवार को प्रथम पूजन के बाद भावपूर्ण और भव्य समापन हुआ। वृंदावन की प्रसिद्ध रासबिहारी कलाकार मंडली द्वारा प्रस्तुत कंश वध लीला ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस लीला में भगवान कृष्ण ने मथुरा के क्रूर अत्याचारी कंश का संहार कर अधर्म पर धर्म की चिरंतन विजय का प्रेरणादायक संदेश दिया।

कंश वध लीला के बाद ब्रज की पारंपरिक फूलों की होली का मनमोहक प्रदर्शन हुआ, जो राधा-कृष्ण की दिव्य प्रेम लीला और वसंतोत्सव का प्रतीक है। गोपियों ने फूलों की रंगीन वर्षा कर भगवान कृष्ण को प्रसन्न किया, जिससे परिसर फूलों की सुगंध और भक्ति के रंगों से महक उठा।
फूलों की होली से ठीक पहले रासलीला कमेटी का नेतृत्व कर रही मां भारती जनसेवा ट्रस्ट दुद्धी के प्रमुख अध्यक्ष अनिल कुमार हलवाई सहित अन्य पदाधिकारियों, सहयोगियों और कलाकारों ने लठमार होली खेलकर हर्षोल्लास का प्रदर्शन किया।

लाठियों और फूलों की होली ने ब्रज की सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत कर दिया। विदाई समारोह में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए, जिन्होंने फूलों की होली में सक्रिय भागीदारी की। समापन समारोह राधा-कृष्ण की विशेष आरती और भजन कीर्तन के साथ संपन्न हुआ, जो भक्तों के हृदय में अमिट छाप छोड़ गया।

उमंग मिष्ठान भंडार सहित विभिन्न सहयोगी संस्थाओं और दानदाताओं द्वारा प्रसाद का वितरण किया गया । ट्रस्ट ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों, समाजसेवियों, संगठनों, कलाकार मंडली और नगरवासियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में ऐसे ही भक्ति उत्सव आयोजित करने का संकल्प लिया। अध्यक्ष अनिल कुमार हलवाई ने कहा कि यह महोत्सव दुद्धी क्षेत्र में भक्ति और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बन गया। सभी का सहयोग सराहनीय रहा।इस अवसर पर व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ जायसवाल,सचिव जयवंत मौर्या,रामलीला कमेटी पूर्व महामंत्री आलोक अग्रहरि ,संदीप गुप्ता , चुन्नू जायसवाल,मनीष जायसवाल सही बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
Author Profile

Latest entries
Breaking_NewsMarch 25, 2026आल्हा सम्राट फौजदार सिंह के गायन से गूंजा जनजातीय उत्सव, भव्य समापन
Breaking_NewsMarch 25, 2026सौतेली मां हत्याकांड में सख्त फैसला, दोषी को उम्रकैद और जुर्माना
Breaking_NewsMarch 25, 2026ओबरा में पाइप फटने से सड़क बनी तालाब, आवागमन ठप
सोनभद्र न्यूज़March 25, 2026रामनवमी 27 मार्च को जानिए आखिर क्यों हनुमान पताका फहराने की परंपरा बनी आस्था और विजय का प्रतीक