सोनभद्र(AKD/,गिरीश तिवारी)-
उरमौरा स्थित गायत्री भवन परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास अयोध्या धाम से पधारे मनीष शरण जी महाराज ने धर्म के तत्वों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि धर्म के चार चरण—पवित्रता, दया, तप और कीर्तन होते हैं, जिनमें कलिकाल में केवल कीर्तन ही शेष रह गया है।कथा व्यास ने श्रीरामचरितमानस की चौपाइयों के माध्यम से बताया कि कलियुग में हरि गुणगान ही भवसागर से पार लगाने का सरल मार्ग है। उन्होंने कहा कि कलिकाल में मन से किया गया पुण्य पुण्य की श्रेणी में आता है और हरिनाम स्मरण से जीवन का कल्याण संभव है।इस अवसर पर मुख्य यजमान पवन मिश्र अपने पूरे परिवार सहित मौजूद रहे। कार्यक्रम में अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष राजीव सिंह, विनोद शुक्ल, आनंद ओझा, शैलेंद्र केशरी, नवीन पांडे, अंकित सिंह गौतम, लाला अभिषेक, शक्ति सेन, अनिल मौर्य सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे एवं भागवत प्रेमी श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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