AKD।गिरीश तिवारी
सोनभद्र। चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व को लेकर आचार्य प्रशान्त मिश्र (वैदिक) ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस वर्ष महाष्टमी और महानवमी एक ही दिन मनाई जाएंगी, जबकि रामनवमी का पर्व अगले दिन श्रद्धा और विधि-विधान के साथ मनाया जाएगा।उन्होंने बताया कि हृषिकेश पंचांग के अनुसार 26 मार्च 2026 (गुरुवार) को महाष्टमी और महानवमी का व्रत रखा जाएगा। इस दिन अष्टमी तिथि दोपहर 2 बजकर 10 मिनट तक रहेगी, इसके बाद नवमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। चूंकि महानवमी पर रात्रि पूजन का विशेष महत्व होता है, इसलिए दोनों पर्व एक ही दिन विधिपूर्वक संपन्न किए जाएंगे।आचार्य के अनुसार, जो श्रद्धालु पूरे 9 दिन का नवरात्रि व्रत और पूजन-अनुष्ठान कर रहे हैं, वे 27 मार्च 2026 (शुक्रवार) को दोपहर 12 बजकर 2 मिनट तक हवन और पूर्णाहुति कर सकते हैं। इसके पश्चात सायंकाल तक दशमी तिथि में व्रत का पारण किया जाएगा।उन्होंने बताया कि अष्टमी और नवमी के अवसर पर कन्या पूजन का विशेष महत्व है। इस दिन विधिवत कन्या पूजन कर श्रद्धालु अपने नवरात्रि व्रत का समापन कर सकते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से मां दुर्गा की आराधना करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।आचार्य प्रशान्त मिश्र ने आगे बताया कि उदया तिथि के अनुसार रामनवमी का पावन पर्व 27 मार्च 2026 (शुक्रवार) को ही मनाया जाएगा। इस दिन मध्याह्न काल में कर्क लग्न के शुभ संयोग में भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया जाएगा और सभी श्रद्धालु इसी दिन व्रत रखेंगे।इस प्रकार नवरात्रि का समापन 27 मार्च को हवन, पूजन और पारण के साथ पूर्ण होगा, वहीं रामनवमी का पर्व भी पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा।
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