AKD।गिरीश तिवारी
ओबरा/सोनभद्र। ओबरा क्षेत्र में बिजली विभाग से जुड़े कर्मचारियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। ओबरा विद्युत निगम में कार्यरत सफाई कर्मियों को नई टेंडर प्रक्रिया के नाम पर काम से रोके जाने के बाद कर्मचारियों ने विरोध का रास्ता अपनाते हुए सत्याग्रह शुरू कर दिया है। उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारी सी परियोजना गेट के पास धरने पर बैठ गए हैं और अपनी मांगों को लेकर लगातार आवाज बुलंद कर रहे हैं।कर्मचारियों का कहना है कि उनसे लगातार 12 घंटे तक काम लिया जाता है, जो श्रम नियमों के खिलाफ है, लेकिन इसके बदले केवल 26 दिन का ही वेतन दिया जाता है। ऐसे में अब उन्होंने 8 घंटे की ड्यूटी और पूरे 30 दिन का वेतन लागू करने की मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है।

इसके साथ ही पिछले तीन महीनों से बकाया वेतन न मिलने से भी कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।नई टेंडर प्रक्रिया के चलते सफाई कर्मियों को काम से रोके जाने के कारण उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। यही वजह है कि कर्मचारी अब आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं। धरनास्थल पर बड़ी संख्या में कर्मचारी जुटे हुए हैं और साफ तौर पर चेतावनी दे रहे हैं कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।बिजली कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि यह लड़ाई कर्मचारियों के हक और सम्मान की है, जिसे किसी भी कीमत पर दबाया नहीं जाएगा।

वहीं प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों ने भी एक स्वर में कहा कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।ओबरा के सी परियोजना गेट पर चल रहा यह सत्याग्रह अब प्रशासन और प्रबंधन दोनों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। कर्मचारियों की बढ़ती नाराजगी और लगातार जारी प्रदर्शन से साफ है कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो यह आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है।
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