शिक्षक के तबादले पर फूट-फूटकर रोए बच्चे, गेट पर खड़े होकर गुरुजी को जाने से रोकने लगे छात्र।

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HIGHLIGHTS
  • सोनभद्र के विंढमगंज कंपोजिट विद्यालय में गुरुवार को शिक्षक और शिष्यों के बीच प्रेम और भावनाओं का ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं।
  • विद्यालय के प्रभारी राजकमल यादव का दूसरे विद्यालय में स्थानांतरण होने के बाद जब वे विदाई लेकर जाने लगे, तो बच्चे उन्हें रोकने के लिए विद्यालय के गेट पर खड़े हो गए।
  • कोई गुरुजी से न जाने की विनती कर रहा था, तो कोई अपने आंसुओं को रोक नहीं पा रहा था।
  • बच्चों का यह प्रेम देखकर शिक्षक राजकमल यादव भी भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
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सोनभद्र के विंढमगंज कंपोजिट विद्यालय में गुरुवार को शिक्षक और शिष्यों के बीच प्रेम और भावनाओं का ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। विद्यालय के प्रभारी राजकमल यादव का दूसरे विद्यालय में स्थानांतरण होने के बाद जब वे विदाई लेकर जाने लगे, तो बच्चे उन्हें रोकने के लिए विद्यालय के गेट पर खड़े हो गए। कोई गुरुजी से न जाने की विनती कर रहा था, तो कोई अपने आंसुओं को रोक नहीं पा रहा था। बच्चों का यह प्रेम देखकर शिक्षक राजकमल यादव भी भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। गुरु और शिष्यों के बीच स्नेह का यह दृश्य अब सामने आए वीडियो में दिखाई दे रहा है। सोनभद्र के दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र अंतर्गत विंढमगंज कंपोजिट विद्यालय में शिक्षक की विदाई का एक भावुक कर देने वाला वीडियो सामने आया है। विद्यालय के प्रभारी राजकमल यादव का स्थानांतरण दूसरे विद्यालय में होने के बाद जब वे अपने विद्यालय से विदा लेकर जाने लगे, तो छात्र-छात्राएं उन्हें रोकने के लिए गेट पर खड़े हो गए। बच्चों की आंखों में आंसू थे और जुबां पर बस एक ही बात… गुरुजी मत जाइए। बच्चे बार-बार अपने शिक्षक से विद्यालय छोड़कर न जाने की विनती करते नजर आए। कोई गेट पर खड़े होकर उन्हें रोक रहा था, तो कोई रोते हुए अपने गुरुजी से वापस रुकने की गुहार लगा रहा था। बच्चों के लिए यह महज एक शिक्षक की विदाई नहीं, बल्कि अपनेपन और स्नेह से जुड़े एक रिश्ते से दूर होने का पल था।बच्चों की आंखों से छलकता प्यार देखकर प्रभारी शिक्षक राजकमल यादव भी खुद को भावुक होने से नहीं रोक सके। अपने शिष्यों को रोता हुआ देखकर उनकी आंखों से भी आंसू छलक पड़े। विदाई के इस पल में शिक्षक और बच्चों के बीच का स्नेह साफ दिखाई दिया। उन्होंने सभी बच्चों से मुलाकात की, उन्हें प्रेम से समझाया और आशीर्वाद देते हुए विदा ली। बताया जा रहा है कि विद्यालय में तैनाती के बाद से राजकमल यादव ने बच्चों के साथ पठन-पाठन के साथ ही अपने व्यवहार और अपनत्व से भी एक खास रिश्ता बनाया। बच्चों को उनमें सिर्फ एक शिक्षक ही नहीं, बल्कि अपने गुरु और अभिभावक दोनों का भाव नजर आता रहा। यही वजह रही कि स्थानांतरण के बाद विदाई के समय बच्चे अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके और अपने शिक्षक को जाने से रोकने लगे। विद्यालय परिसर में मौजूद लोगों के लिए भी यह दृश्य बेहद भावुक कर देने वाला रहा। एक तरफ शिक्षक अपने बच्चों से बिछड़ने के दर्द में भावुक थे, तो दूसरी तरफ छात्र-छात्राएं अपने गुरुजी को विदा करने के लिए तैयार नहीं थे। वीडियो में दिखाई दे रहा यह पल बताता है कि शिक्षा का रिश्ता केवल किताबों और कक्षा तक सीमित नहीं होता, बल्कि विश्वास, स्नेह और अपनत्व से भी बनता है। एक शिक्षक की विदाई और शिष्यों का ऐसा प्रेम, जिसे देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।

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